परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर बालवाडी़ चाकसू में बढ़ा रही है धर्म के प्रभावनाहमारे बंधन का एक मात्र कारण राग द्वेष है, जैसे मोहिनीय कर्म सब कर्मों में प्रबल कर्म है ,वैसे ही छिपा हुआ अन्तराय कर्म अचानक उदय में आकर कार्य में विघ्न पैदा करने वाला कर्म हैआर्यिका विज्ञा श्री
जयपुर/
परम पूज्य भारत गौरव प्रवचन प्रवाहिका गणिनी आर्यिका गुरु मां 105 विज्ञाश्री माताजी के पावन सानिध्य में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बालवाड़ी चाकसू में आज श्री जी के अभिषेक, शांतिधारा बाद अष्टद्रव्यों से पूजा हुई समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आज आर्यिका श्री ने भरी धर्म सभा में श्रृद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे बंधन का एक मात्र कारण हमारा राग द्वेष है जैसे मोहनीय कर्म सब कर्मो में प्रबल कर्म है वैसे ही छिपा हुआ अन्तराय कर्म अचानक उदय में आकर कार्य में विध्न पैदा करने वाला कर्म है, इसके आस्रव बंध का कारण है की पूर्व में हमने किसी के कार्य के सम्पन्न होने में बाधा डाली होगी या वैसा भाव किया होगा उसी के परिणाम स्वरूप वह आज हमे कार्य सम्पन्न होने में बाधा उत्पन्न कर रहा है अतः: यदि आगे हमे इस प्रकार के विध्नों से बचना है तो हम किसी के भी कार्य में न तो बाधक बनें और न बाधा पहुंचाने के भाव रखें पूज्य गुरु मां आज श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर चाकसू के दर्शनार्थ पधारी थी छोटा गिरनार बापू गांव के ट्रस्टियों ने मिलकर पूज्य गुरु मां के चरणो में बापू गांव के दर्शन हेतु श्रीफल अर्पित किया
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
