आर्यिका श्री पवित्रभारती माता जी की सल्लेखना पूर्ण समाधि
ईडर
ईडर नगर में आर्यिका 105का श्री पवित्र भारती माताजी की सल्लेखना पूर्ण समाधि 25 जनवरी को 2:40 पर श्री संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर मे गणिनी गुरु मां आर्यिका 105
सुभुषणमति माताजी के सानिध्य में हुई।
विवरण
जसीबेन का जिन्होंने गुरु माँ गणिनी सुभूषणमती माताजी की शरण पाकर नारी जीवन को सार्थक कर लिया।

चा० च० प्रथमाचार्य श्री शांतसागर जी की गौरवशाली परम्परा में आभावान नक्षत्र गणिनी आर्यिका 105श्री सुभूषणमती माताजी ने आज प्रातः ईडर निवासी जसीबेन गांधी (मुनि श्री पवित्रसागर जी परिवार से) को अपने वैराग्यमयी सम्बोधन से मोक्षमार्ग पर आरूढ़ कर क्रम- क्रम से सप्तम प्रतिमा के व्रत तत्पश्चात् क्षुल्लिका दीक्षा प्रदान कर क्षु० ‘पवित्रभारती नाम दिया।




क्रमपूर्वक आहार का त्याग करते हुए प० पू० गणिनी आर्यिका श्री के कर कमलों से आर्यिका दीक्षा अंगीकार कर आर्यिका पवित्रभारती ‘ नाम पाया ।
तत्पश्चात् प० पू० निर्यापक गुरु गणिनी गुरु माँ के कुशल निर्यापकत्व में चारों प्रकार का आहार त्याग करते हुए यम सल्लेखना धारण कर नारी जीवन की उत्कृष्ट साधना में रत होते हुए समाधि मरण को प्राप्त किया। जैन दर्शन में संलेखना पूर्वक समाधि मरण उत्कृष्ट मरण माना जाता है। साधु जीवन का लक्ष्य यही होता है कि संलेखनापूर्वक समाधि हो।
सुरेशचंद जैन लवली ईडर से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
