जिस दिन आपके पास विद्या के रुप में सरस्वती” आ गई समझना आपसे बड़ा धनवान कोई दूसरा नहीं आदित्य सागर महाराज

धर्म

जिस दिन आपके पास विद्या के रुप में सरस्वती” आ गई समझना आपसे बड़ा धनवान कोई दूसरा नहीं आदित्य सागर महाराज
विदिशा

“विद्या” ही सबसे बड़ा धन है,विद्या से बड़ा कोई धन नहीं””जिस दिन आपके पास विद्या के रुप में “सरस्वती” आ गई समझना आपसे बड़ा धनवान कोई दूसरा नहीं”शब्दों को पढ़ने और रट लेंने से विद्या की अनुभुति नहीं होती, शब्दों के साथ जब आत्मा के तार जुड़ जाते है तो वही “विद्या” की सिद्धी हो जाती है।

 

 

उपरोक्त उदगार मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने दि. जैन बड़ा मंदिर में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के प्रथम दिवस प्रातःप्रवचन सभा में व्यक्त किये।मुनि श्री ने कहा कि लोग कहते है कि महाराज जी आजकल धन की बहुलता है, जिसके पास धन है उसी की पूंछ परख होती है, मुनि श्री ने अपना उदाहरण देते हुये कहा कि हमारे पास तो कुछ भी “धन” नहीं फिर भी देख लो हमारी बहूत पूंछ परख है, उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुये कहा कि आजकल के युवा पैकेज के पीछे भागते है उन्होंने कहा कि धन के पीछे मत भागो धन आज है कल विनष्ट हो जायेगा लेकिन जो ज्ञान और विद्या आपने हांसिल कर ली वह कभी विनष्ट नहीं होगी।उन्होंने कहा कि आजकल “डिग्री” तो मिल जाती है लेकिन प्रेक्टिकल ज्ञान के अभाव में डिग्री की कोई कींमत नहीं होती और हम देख रहे है कि इंजीनियरिंग की डिग्री ले ली और इधर उधर चप्पल चटकार रहे है

 

 

वही दूसरी और जिनके पास ज्ञान है वह अपने अनुभव से कमाई कर रहे है।पहले की शिक्षा ज्ञान की होती थी धन और धन वालों के पीछे मत भागना “ज्ञान” एक ऐसी विद्या है,कि उससे बड़ी कोई सम्पत्ति नहीं” ज्ञान पाने के लिये हमें बहुत बड़ी साधना

मुनिश्री 108आदित्य सागर जी महाराज साथ में प्रवक्ता अविनाश जैन

करना पड़ती है तब कही जाकर हमें वह ज्ञान प्राप्त होता है।उन्होंने कहा कि मात्र शब्दों को पड़ना और उनको रट लेंने से अनुभुति नहीं होती, शब्दों के साथ जब आत्मा के तार जुड़ जाते है तो “विद्या” प्राप्त हो जाती है।

 

 

 

साधु का आकर्षण विद्या और ज्ञान के प्रति होना चाहिये। भगवान के द्वार पर नौ रत्न और 14 रिद्धीयां ऐसे ही पड़ी रहती है फिर भी वह उनकी और देखते तक नहीं। मुनि श्री ने कहा कि “किलाअंदर” का यह मंदिर अदभुत है”इतना अदभुत मंदिर का सही से ध्यान रखोगे तो यह खजुराहो के मंदिर से कम नहीं होगा।

उपरोक्त जानकारी प्रवक्ता अविनाश जैन ने देते हुये बताया श्री दि. जैन बड़ा मंदिर में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान चल रहा है प्रतिदिन प्रवचन प्रातः9 बजे से हो रहे है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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