उत्कृष्ट साधना के धनी थे भारत सागर

धर्म

उत्कृष्ट साधना के धनी थे भारत सागर
महाराजपुर
संत शिरोमणी आचार्य गुरुदेव 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य पूज्य आचार्य श्री 108समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवृति शिष्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 योगसागर जी महाराज ससंघ महराजपुर में विराजमान है / आज सोमवार सुबह 8:30 पर गुरु पूजन के साथ ही समाधिस्थ आए ऐलक 105श्री भारत सागर जी की कृताञ्जलि सभा प्रारम्भ हुई/

 

 

सिलवानी के समाज अध्यक्ष सुनील भाई ने बताया की पूज्य भारत सागर जी सिलवानी के नगर गौरव थे सिलवानी की आन बान शान थे हम सभी उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते है।क्षुल्लक 105श्री भास्वत सागर जी ने बताया भारत सागर जी बड़े ही शांत साधक थे।
ऐलक 105श्री सुधार सागर महाराज ने कहा भारत सागर जी शीघ्र सिद्ध गति को प्राप्त करे।संघ के बड़े मुनिराज निरोग सागर ने बताया भारत सागर जी बहुत सहनशील थे अनुशासित थे और बहुत अच्छे साधक थे उनको मुनि पद की बहुत चाह थी।

अंत में पूज्य ज्येष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक संघ नायक योगसागर जी महाराज ने अपनी देशना में बताया की कल जहा प्रसन्नता का वातावरण था आज दुःख शोक का है यही संसार है, एक साधक पुरुषार्थ करता हुआ समाधि को प्राप्त हुआ हमे भी सजग रहना है।

विनयांजली सभा के संचालक ब्र रजनीश भैया रहली ने बताया की सिलवानी के नगर गौरव आज भारत के गौरव बन गए सौरभ से भारत सागर बने आज सारे भारत में अपने संयम की सौरभ बरसा के चले गए/ हम सभी बड़े बाबा से कामना करते हे इस भव्यात्मा को जल्दी ही सिद्धगति देना सभी आसपास की समाज ने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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