गणिनी आर्यिका विज्ञमति माताजी ने दिये युवाओं के लिए विशेष प्रवचन
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तीर्थराज सम्मेदशिखर यात्रा के लिए शिष्ट मण्डल बुधवार को होगा रवाना
निवाई
सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में सन्त निवास नसियां जैन मंदिर पर भारत गौरव गणिनी आर्यिका विशुद्धमती माताजी एवम प्रज्ञा पद्मनी गणिनी आर्यिका विज्ञमती माताजी ने अष्टान्हिका महापर्व पर हो रही विशेष प्रवचन माला में कहा कि धर्म पुरुषार्थ है जिस प्रकार पेडों पर लिपटे हुये नाग गरुड़ की आवाज से भाग जाते है, बिल में घूस जाते है। उसी प्रकार जिनेन्द्र देव की भक्ति पूजा करने से सारे रोग दूर हो जाते है। उन्होंने कहा कि जिनेन्द्र भगवान की भक्ति करने से श्रीपाल जैसे व्यक्ति के कुष्ठ रोग दूर हो गए इसलिये सिद्धो की आराधना एवं भगवान की पूजा अर्चना प्रत्येक व्यक्ति को श्रद्धा आस्था के साथ करनी चाहिए।

वही प्रज्ञा पद्मनी गणिनी आर्यिका 105 विज्ञमति माताजी ने श्रद्धालुओं को जैन धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाने, एवं युवा वर्ग के अन्दर धर्म के प्रति संस्कार जागरूकता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आमजन को प्रेरित कर भविष्य में बच्चों के जन्मदिन पर मानव आकृति वाले केक नहीं काटने का आह्रवान किया।
जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला एवं समाजसेवी विनोद संधी छोटा बाबू ने बताया कि अष्टान्हिका महापर्व पर श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ के अभिषेक शांतिधारा करके पूजा अर्चना की। जौंला ने बताया की महातीर्थ क्षेत्र सम्मेदशिखर जी यात्रा दल का एक शिष्ट मण्डल बुधवार को सुबह बंपुई वालों की धर्मशाला से भगवान शांतिनाथ एवं चंद्र प्रभु एवं गणिनी आर्यिका विशुद्ध मति एवं गणिनी आर्यिका विज्ञमति माताजी के दर्शन करके शिष्ट मण्डल सम्मेदशिखर यात्रा के लिए रवाना होगा। यात्रियों का शिष्ट मण्डल कांग्रेस नेता पवन सांवलिया,विमल पाटनी,अजीत काला एवं राकेश संधी के नेतृत्व में निवाई से झारखण्ड राज्य स्थित धर्मावलम्बियो का प्रचलित प्रमुख तीर्थ क्षेत्र सम्मेदशिखर जी की वन्दना करके देश में सुख समृद्धि एवं शांति की कामना के लिए वन्दना करेंगे।
जौंला ने बताया कि यह शिष्ट मण्डल सम्मेदशिखर जी से रवाना होकर भगवान महावीर की जन्म स्थली नालंदा कुण्डलपुर बिहार राज्य में विराजमान भारत गौरव गणाचार्य विराग सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती श्रमण मुनि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के दर्शन यात्रा करके पुण्यार्जन करेंगे। इसी प्रकार जयपुर स्थित भटटारक जी की नसियां मे विराजमान गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी संध एवं उनके साथ चार संधो के दर्शन कर पुण्यार्जन करेंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
