भामाशाह उदार मना श्रीमान अशोक पाटनी आरके मार्बल ने अपना जन्मदिन प्रभु के जन्म कल्याणक के र में सम्मिलित होकर मनाया
किशनगढ़
कहा जाता है जिनके भाव उच्च होते हैं उनके कार्य भी उच्चता के शिखर को छू लेते हैं। ऐसे ही उदारमना है श्रीमान अशोक पाटनी आर के मार्बल जिनकी सादगी जिनके निष्ठा जिनका धर्म के प्रति और साधु संतों की सेवा के प्रति जो लगाव है वह किसी से अछूता नहीं है। आज उनका जन्मदिन था लेकिन उन्होंने

अपने जन्मदिन को धर्म मय में मनाया जी हां उन्हें कितने दुर्लभ संयोग मिले। उनकी जन्मभूमि कर्मभूमि किशनगढ़ में उन्हें वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज का पावन आशीष व सानिध्य मिला, दूसरा पंचकल्याणक के रूप में आज प्रभु का जन्म कल्याणक भी मनाया गया। एक और उनका जन्म दिवस और प्रभु का जन्म कल्याणक महोत्सव यह भी पुण्यवान व्यक्तित्व को ही मिला करता है। आज उन्होंने इस आयोजन की बेला में चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन किया। गुरु चरणों का परिवार सहित पाद प्रक्षालन किया और गुरु के चरणों को मस्तक पर लगाया।
यह शरण कितने स्वर्णिम होंगे जिन्हें संपूर्ण विश्व ने एकटक निहारते हुए देखा। वही उनके द्वारा भारत सरकार डाक विभाग द्वारा इंदिरा नगर स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर और सिटी रोड स्थित चंद्रप्रभु मंदिर के श्रीमद् जिनेंद्र पंचकल्याणक एवं

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज पर बने आवरण का विमोचन करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह वह व्यक्तित्व है। जिनका जीवन सदा सेवा व परोपकार से परिपूर्ण है। इतने बड़े उद्योगपति होने के बाद भी इनका व्यक्तित्व सादगी से परिपूर्ण है। ऐसे व्यक्तित्व पर जितना लिखा जाए सदा कम होगा। उन्होंने अपने जीवन को और आज के दिन को सार्थक करते हुए महापुण्य बदल दिया और सभी के समक्ष एक आदर्श स्थापित किया। स्वयं गुरु चरणों में रहकर उनके कमंडल को लेकर उनकी सेवा में तल्लीन दिखाई दिए। इतना ही नहीं आज उन्होंने जन्म कल्याणक महोत्सव का अभिषेक भी किया। एक साथ इतने सतिशय पुण्य मिलना बहुत दुर्लभ होता है।
उनके पुण्य की अनंत अनंत अनुमोदना।
प्रभु से यही कामना करता हूं
दीर्घायु हो, पूर्णायु हो, आप चिरायु हो,
हम सभी की भी उम्र लग जाए
आप शतायु हो।
अभिषेक जैन लुहाडिया
रामगंजमंडी
