भोजशाला में कोई आओ मत आओ लेकिन प्रवचन में सभी उपस्थित रहे सुनील सागर महाराज
अरनोद
कस्बे में पंचकल्याणक महोत्सव के शुभारंभ पर आचार्य सुनील सागर महाराज ने अपने प्रवचन में धर्म और आध्यात्म के बारे में बताया महाराज श्री ने कहा कि यह महोत्सव न केवल जैन समुदाय के लिए है, बल्कि पूरे समाज के लिए है।
पूज्य मुनि श्री ने कहा कि इंसान नहीं तो खाली जगह भरने के लिए देवता भी आएंगे आप मान लीजिए केवल अभी यह केवल यह संत जनों के संत नहीं है जन-जन के संत हैं यह
पंचकल्याणक महोत्सव केवल जैनो का महोत्सव नहीं है, जन-जन का महोत्सव है इसलिए इस महोत्सव में सिर्फ जैन ही शामिल हो ऐसी बात नहीं है जन-जन को शामिल होने का अधिकार है तीर्थंकर सबके हैं।
महापुरुष सबके हैं। महावीर स्वामी सबके हैं आदिनाथ जिनके
नाम से पंचकल्याणक महोत्सव इस दुनिया में ब्रह्मा विष्णु महेश के रूप में पूजे जाते हैं। विश्वकर्मा प्रजापति कहलाते हैं। और ऐसे में यह महोत्सव केवल एक नगर का भी नहीं अपितु सारी धरती का महोत्सव है सभी लोग इसमें सम्मिलित हो। भोजनशाल में कोई आओ मत आओ लेकिन प्रवचन के मौके पर सब की उपस्थिति जरूर रहना चाहिए। भोजन एक दिन पेट भरता है लेकिन एक प्रवचन यदि समझ में आया तो जिंदगी भर के लिए मन भर जाता है।
पंचकल्याणक महोत्सव की शुरुआत में सुबह 5:30 बजे जैनेंद्र भगवान का अभिषेक शांति धारा पूजन के उपरांत प्रतिष्ठाचार्य महावीर जैन गीगला द्वारा मंत्र उच्चार के साथ भगवान को बैंड बाजों के साथ अयोध्यापुरी में बनी वेदी पर विराजमान किया गया। इसके उपरांत आचार्य श्री की आगवानी के लिए मंदिर में कलश के साथ जुलूस निकाला गया जो प्रतापगढ़ रोड हनुमान मंदिर होते हुए आया आचार्य सुनील सागर संघ की अगवानी की गई अरनोद के समाज बन्धुओं द्वारा उनकी मंगलआगवानी की गई।
जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए हनुमान जी मंदिर से प्रारंभ हुआ जो नई आबादी होता हुआ बस स्टैंड आया।
पंचकल्याणक महोत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया आयोजकों ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य लोगों को धर्म और आध्यात्मिक के बारे में जानकारी देना है और समाज में शांति और सद्भावना को बढ़ावा देना है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
