50 वर्ष पुराने साधु साध्वीयो के लिए बने उपाश्रय का हुआ आधुनिक नवीनीकरण साध्वी सम्यग रेखा श्रीजी एवं साध्वी सुवर्ण यशा श्री जी की निश्रा में मंगलवार को होगा उदघाटन
रामगंजमंडी
रामगंजमंडी के बाजार नंबर 3 में स्थित श्री आदिनाथ जैन मंदिर में साधु भगवंतो, साध्वी भगवंतो के ठहरने एवं पौषध, प्रतिक्रमण एवं श्रीसंघ मीटिंग के लिए 50 वर्ष पूर्व उपाश्रय बना हुआ था, लंबे समय से साधु साध्वी और समाजजन इस उपाश्रय का नवीनीकरण हो यह चाहते थे। श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्री संघ के अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि सब की भावनाओं को ध्यान में रखकर मात्र 25 दिनों में इस उपाश्रय को एकदम आधुनिक रूप देकर तैयार किया जा चुका है।राजकुमार पारख ने बताया कि भानपुरा में चतुर्मास पूर्ण करके रामगंजमंडी पधार रही साध्वी सम्यग रेखा श्रीजी एवं साध्वी सुवर्ण यशा श्री जी महाराज साहब की पावन निश्रा एवं श्री संघ के सभी सदस्यों की उपस्थिति में इस नवीन उपाश्रय का उदघाटन मंगलवार को होगा। दोनों साध्वी प्रातः बेला में आदर्श विद्या मंदिर, पंचमुखी रोड पहुंचेगी जहां पर श्री संघ की तरफ से उनकी आगवानी की जावेगी। और ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर लाया जाएगा।
साध्वियों का परिचय
श्रीसंघ अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि भानपुरा मध्य प्रदेश में मरुधर ज्योति जैन कोकिला विचक्षण श्रीजी की शिष्याए परम पूज्य भाग्य यशाजी परम पूज्य सम्यग रेखा श्रीजी एवं साध्वी सुवर्ण यशा श्रीजी परम पूज्य शतावधानी नम्रयशा श्रीजी का चातुर्मास था सबसे बड़े भाग्ययशा श्री जी चातुर्मास खत्म होने से पहले भानपुरा में चोटिल हो गए और उनके हाथ में तीन फेक्चर और पांव में एक फेक्चर हुआ भानपुरा में इलाज और ऑपरेशन की व्यवस्था नहीं होने से साध्वी भाग्ययशा जी को वाहन का दोष नहीं लगे इसलिए 21 दिनों तक वेदना को सहन करती रही वेदना एवं सूजन ज्यादा होने पर भानपुरा श्रीसंघ की बहुत विनती पर उन्हें एंबुलेंस से कोटा भेजा गया जहां ज्ञान शांति अस्पताल में डॉक्टर राहुल देव अरोडा ने उनका ऑपरेशन किया उनकी देखभाल और सेवा में सबसे छोटे साध्वी शतावधानी

नम्रयशा श्रीजी साथ में गये। एंबुलेंस से जाने का जो दोष साध्वी जी को लगा है उसका प्रायश्चित जो भी आचार्य भगवंत बतायेगे वह दोनों साध्वियों को करना होगा। भाग्ययशा श्रीजी ने 58 वर्ष पहले चेन्नई में मरुधर ज्योति विचक्षण श्री जी से दीक्षा ली थी साध्वी जी चेन्नई की रहने वाली है और चेन्नई के इतिहास में उनकी दीक्षा प्रथम दीक्षा थी। सम्यग रेखा श्रीजी की दीक्षा 44 वर्ष पहले हुई थी और वे कच्छ माडवी की रहने वाली हैं।
साध्वी सुवर्णयशा श्री जी की दीक्षा 35 वर्ष पहले हुई थी वे पूना की रहने वाली है।सुवर्ण यशा श्रीजी को 25 वर्ष पहले पालीताना जाते समय खडोत से नंदुका रोड पर एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी थी साध्वी के सिर में गंभीर चोट आई और वह दो माह तक कोमा में रही आज भी उनके सिर में खून के क्लोट जमे हुए हैं और पांव का एक अंगूठा कट गया था साध्वी शतावधानी नम्रयशा श्रीजी गुजरात के पादरा की रहने वाली है और जाति से जैन नहीं है वह पटेल हैं लेकिन जैन धर्म के सिद्धांतों से प्रभावित होकर उन्होंने 6 वर्ष पूर्व दीक्षा ली।
जैन समाज के विजयकुमार छाजेड़, सुभाष बाफना, दिलीप तिल्लानी, मंगल डांगी, कौशल बाफना, राजेंद्र रांका, रवि बाफना ने बताया कि उपाश्रय के उद्घाटन में साध्वियों की निश्रा मिलना श्रीसंघ का अहोभाग्य है।





संधारा से लेकर रामगंजमंडी तक दोनों साध्वियों के साथ सुरेंद्र रांका, सुशील गोखरू, कोमलचंद बोथरा, संदीप मोरावाल और समाज के अन्य लोग साथ रहेंगे।
श्रीसंघ के अध्यक्ष राजकुमार पारख ने कहा कि मंदिर आते ही साध्वीया देव वंदन करेगी उसके बाद श्रीसंघ की नवकारसी भोजशाला में होगी एवं 9:00 बजे से 10: 00बजे तक साध्वी जी के मंगल प्रवचन होगे। दोपहर में दोनों साध्वियों की पावन निश्रा में दादाबाड़ी में दादा गुरुदेव की पूजा होगी जिसके लाभार्थी प्रेमचंद छाजेड परिवार रहेंगे।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
