इंदौर में प्रमाण सागर महाराज सानिध्य में हुआ ऐतिहासिक रथावर्तन महा महोत्सव गोल्डन बुक का रिकॉर्ड में दर्ज
इंदौर
इंदौर में ऐतिहासिक रथावर्तन महा महोत्सव मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में हुआ।108 रथ थे। जो स्वर्ण रजत तथा काष्ट के रथ थे जो कि राजस्थान मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश से आये थे उपरोक्त रथावर्तन महोत्सव ने गोल्डन बुक आंफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के परम प्रभावक शिष्य गुणायतन भावना योग तथा शंकासमाधान के प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज,मुनि श्री निर्वेग सागर महाराज मुनि श्री संघान सागर महाराज के सान्निध्य में शनिवार को प्रातःकाल 108 रथ जिसमें स्वर्ण चांदी तथा काष्ट एवं गजराज पर मंगल विहार हुआ,मंगल गीतों की धुन पर श्रद्धालु प्रभु और गुरू की भक्ती में लीन होकर नृत्य कर रहे थे।

प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया इस अवसर पर पर्यावरण एवं लोक संस्कृति की कही झांकियां निकाली गई एवं अखाड़ा भी शामिल हुये,उन्होंने अपने पेट पर भारी भरकम पत्थर रखकर उसको घन की चोट देकर टुकड़े टुकड़े करना शामिल है। विभिन्न झांकिओं में लोकनृत्य का प्रदर्शन करते हुये तथा चारोंओर मंगलमय नजारा था जिसमें भारत ही नहीं बल्कि अमेरिका, न्यूजीलैंड से आए श्रद्धालु भी नजर आये, लगभग साठ हजार श्रद्धालुओं ने यह अद्भुत नजारा अपनी आंखों से देखा।







रथावर्तन महोत्सव की शुरुआत मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल एवं जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट तथा जैन समाज के भामाशाह अशोक पाटनी एवं श्रीमति सुशीला पाटनी के नेतृत्व में हुई रथयात्रा की शुरुआत विजयनगर चौराहे पर बने श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के लिये बने आचार्य विद्यासागर सभा मंडप से शुरुआत हुई।इस अवसर पर संघस्थ क्षु आदर सागर ,क्षु समादरसागर ,क्षु.चिद्रूपसागर ,क्षु.स्वरुप सागर क्षु.सुभग सागर महाराज के साथ इंदौर शहर के सभी गणमान्य नागरिक चल रहे थे। इस समारोह में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के संघस्थ सभी मुनिराजों के चित्र के साथ एक वृहद झांकी आचार्य श्री के जीवन चरित्र तथा भावना योग पर निकाली गयी जिसमें मुनि श्री के स्वास्थ्य लाभ संबंधित नारे लिखे थे।

जुलूस का संचालन बाल ब्र.अशोक भैयाजी एवं बाल ब्र.अभय भैयाजी के निर्देशन में प्रारंभ हुआ108 रथों का यह चल समारोह अद्भुत था जो कि प्रातः 8 बजे से शुरु हुआ एवं एल आई जी चौराहा, पाटनीपुरा, भमोरी चौराहा से होते हुये दौपहर एक बजे कार्यक्रम स्थल विजयनगर पहुंचा।
इस अवसर पर मुनि श्री ने सबसे पहले प्रशासनिक अधिकारियों को आशीर्वाद देते हुये कहा कि “आज के दिन जो कुछ भी घटित हुआ है वह महज एक घटना ही नही,अपितु स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला एक इतिहास है”मुनि श्री ने कहा कि विधान हर वर्ष होते है,और विधान के बाद रथयात्रायें भी होती है,लेकिन108
मंडलीय सिद्धचक्र विधान होंना पूरे भारत के इतिहास में श्री सम्मेद शिखर जी के बाद यह दूसरी घटना है लेकिन इंदौर में 108 रथयात्रा पूरे संसार की पहली रथ यात्रा है जिसने अपना नाम वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करा लिया, आज की यह रथयात्रा ही नहीं थी बल्कि चारों और आनंद और उल्लास से भरा जन सैलाब था मुनि श्री ने कहा कि ये जो अंदर की भावना है यह बहुत दुर्लभ होती है,उसे आप लोगों ने वह सब कुछ प्रदर्शित कर दिखाया,आपकी भावना आपकी प्रभावना का प्रमाण बन गयी उन्होंने कहा कि इंदौर के इस चातुर्मास में परम पूज्य गुरुदेव के प्रत्यक्ष आशीर्वाद के अभाव में भी उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहा उन्होंने रहस्य की बात बताते हुये कहा कि रात1 बजकर 40मिनट पर स्वप्न में पूज्य गुरुदेव आए उन्होंने कहा कि 108 रथों की यात्रा कितनी बजे है तो मेंने कहा 8 बजे और मेरी नींद खुल गयी, फिर में नही सोया रथ यात्रा में विलंब हो रहा था लेकिन आठ बजे ही उपरोक्त रथयात्रा का शुभारंभ हो गया।

“महाराज श्री ने कहा मैं यह महसुस करता हूं कि पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद हर पल मेरे साथ है, उनका आशीर्वाद ही हमारी शक्ति है, यह जो कुछ भी है निमित्त हम लोग है काम सब गुरुदेव का ही है” मुनि श्री ने कहा कि इंदौर में जिस दिन मेरा प्रवेश हुआ था आप लोगों का उत्साह देखकर मेरे मन में 108 मंडलीय विधान के साथ 108 रथयात्रा निकालने का आया था जो मेंने सोचा उसे विजयनगर की जैन समाज और उसमें सभी वर्ग के लोग सम्मलित हुये वह अविस्मरणीय है।उन्होंने धर्मप्रभावना समिति के कार्याध्यक्ष धर्मेंद्रजैन सिनकेम रमेश निर्माणा, और उनकी टीम के सभी सदस्य तथा सभी नवरत्न तथा विजयनगर के सभी कार्यकर्ताओं ने अपना धंधा छोड़ा और पूरी टीम लगी रही उन्होंने विजयनगर की संपूर्ण युवा टीम को दस में से दस नंबर देते हुये आशीर्वाद दिया इसके साथ ही अशोक भैया,और अभय भैया अमित जी तथा सुदर्शन जी का नाम उल्लेखित करते हुये आशीर्वाद दिया उन्होंने कहा कि जब विशिष्ट पुण्यशाली लोग जुड़ते है तो उनके पुण्य से सभी अनुकूल संयोग अपने आप जुड़ते जाते है,
उन्होंने देश के भामाशाह अशोक पाटनी एवं श्रीमती सुशीला पाटनी आर के मार्बल का विशेष उल्लेख करते हुये कहा कि उनके विशेष पुण्य से यह निमित्त बना। मुनि श्री ने अशोक डोसी, नवीन आनंद गोधा,
योगेंद्र सेठी,अमरीस सेठी,मुकेश पाटोदी, विजय, संजय पाटोदी,रमेश निर्वाणा,दिलीप बोगरा,सुरेंद्र प्रीती, तथा मुख्य पुण्यार्जक भरत कुसुम मोदी, आकाश कोयला,सुनील विलाला, महामंत्री हर्ष जैन तथा एस.केजैन दिलीप गोधा के साथ आयोजन में भोजन व्यवस्था के लिये गिन्नी परिवार जो कि इस आयोजन में रीड़ की हड्डी बनकर सभी के लिये सुस्वादु भोजन कराया। प्रचार प्रसार के लिये प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी एवं राहुल जैन स्पोर्ट्स को भी विशेष आशीर्वाद प्रदान करते हुये कहा कि मंच से सभी का नाम तो उल्लेखित नहीं कर पा रहा हूं सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से ही यह कार्य संपन्न हुआ है जिसमें जिनेश झांझरी,पवन सिंघई और उनकी टीम ने दिन रात मेहनत की उन्होंने धर्म प्रभावना के सभी पदाधिकारिओं के साथ सभी नौ रत्न परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया। तथा मोहताभवन के शरद जोशी एवं विनय छजलानी का उल्लेख करते हुये चल समारोह में भाग लेंने वाले मुंगावली और गंजबासौदा के दिव्यघोष बालों को आशीर्वाद दिया।
अविनाश जैन विदिशा से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
