चांदखेडी मे घटयात्रा, ध्वजारोहण से शुरू हुआ पंचकल्याणक महोत्सव:                            

धर्म

चांदखेडी मे घटयात्रा, ध्वजारोहण से शुरू हुआ पंचकल्याणक महोत्सव:                            

चांदखेडी
विश्व प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र चांदखेडी मे संतशिरोमणी आचार्य भगवान् विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि पुंगव 108श्री सुधासागर जी महाराज एवं प. पू. मुनि श्री 108 प्रसाद सागर जी महाराज सहित कुल 9 मुनिराजो के ससंघ सानिध्य मे यह श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव  बहुत भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। चांदखेडी क्षेत्र से घटयात्रा शुरू होकर संत सुधासागर पब्लिक स्कूल मे बने पंचकल्याण परिसर तक पहुची। रास्ते मे आकर्षण का केन्द्र सैमारी बैण्ड उदयपुर रहा। मुनि श्री ने घटयात्रा मार्ग मे बाहर से प्रतिष्ठित होने को आई 7 फिट की मुनिसुव्रतनाथ भगवान की प्रतिमा का दीपदान किया। सभी श्रद्धालु गाजो बाजो के साथ नृत्य करते हुए श्री जी को लेकर पंचकल्याणक परिसर पहुँचे। वहा जैन भामाशाह श्रावक श्रेष्ठी श्री अशोक जी पाटनी ने अपने निजी हेलिकॉप्टर से एवं अमेरिका निवासी श्री महेन्द्र जी-श्रीमति आशारानी पाण्डया परिवार सहित पहुँचकर ध्वजारोहण किया गया। और फिर वहा महाराज श्री की दिव्य देशना हुई। महाराज श्री ने प्रवचन मे बताया कि यहा निर्वाण काण्ड मे जितने भी सिद्ध भगवान हुए है उन सभी भगवंतो की प्रतिमाएँ यहा स्थापित होगी। और मुनि श्री ने बोला कि “सारे तीर्थ बार-बार, चंद्रोदय तीर्थ एक बार” अर्थात जो एक बार चांदखेडी की वंदना करेगा उसको सभी सिद्ध क्षेत्रों की वंदना करने का पुण्य मिलेगा। तत्पश्चात मुनि श्री की आहार चर्या समपन्न हुई। और फिर दोपहर मे प्रथम दिवस की पूजन की गई।
शाम को देवशास्त्र गुरू की महाआरती के पुण्यार्जक परिवार भगवान स्वरूप पदम कुमार जैन, पदम कुमार अमित कुमार कागला एवं सुरेन्द्र जी कागला ने गजराज पर सवार होकर श्रीजी की 108 दीपको से आरती की। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पंचकल्याण मे भगवान आदिनाथ के माता-पिता महाराज नाभिराय एवं माता मरूदेवी का दरबार लगा। तीर्थंकर बालक के गर्भ मे आने से 6 माह पूर्व देवराज इन्द्र का आसन कंपायमान होता है क्योकि धरती पर तीर्थंकर भगवान माँ का जन्म होने वाला है। और फिर देवराज इन्द्र अयोध्या नगरी मे रत्नो की वृष्टि करता है।अयोध्या नगर मे प्रभु का अकृत्रिम समवसरण आता है। तीर्थंकर की माँ रात्रि को सौलह स्वप्न देखती है। जो कि एक तीर्थंकर के जन्म के संकेत होते है।  बुधवार को गर्भ कल्याणक (उत्तरार्ध) मे मरूदेवी माता को मेंहदी एवं गोद भराई की रस्म की जायेगी। जिसमे सभी समाज के सभी महिला पुरूष माता की गौद भराई करेंगे। पंचकल्याणक महोत्सव मे देश विदेश से यात्री चांदखेडी पहुँच चुके है। जन्मकल्याणक शोभायात्रा कल दिनांक 16 दिसंबर गुरूवार को होगी। जिसकी भव्य शोभायात्रा नगर मे निकलेगी।                                                                  संकलन  अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

 

 

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