कभी भी यह समझौता न करें की जो जैनत्व की मजबूती को कमजोर कर दे प्रणम्य सागर महाराज महावीर नगर दिगंबर जैन मंदिर में तीन दिवसीय अवदान विषयक संगोष्ठी संपन्न
जयपुर
श्री दिगंबर जैन आचार्य संस्कृत महाविद्यालय एवं अर्हम चातुर्मास समिति जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में महावीर नगर में भारतीय संस्कृति के संवर्धन में आचार्य विद्यासागर महाराज का अवदान विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीयविद्वत संगोष्ठी का शनिवार को समापन हुआ।
डॉक्टर शीतल चंद जैन अभिनंदन ग्रंथ समारोह में 80 से ज्यादा संस्थाओं ने स्वागत किया। अर्हम ध्यान योग प्रणेता प्रणम्य सागर महाराज संघ के सानिध्य में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर प्रणम्य सागर महाराज ने विद्वानों के विषय में कहा कि शूरवीर तो सैकड़ो में मिल जाएगा पर विद्वान हजारों में से एक होगा। उन्होंने गुणग्राहक की उपमा डॉक्टर शीतलचंद जैन को दी इस बात पर भी जोर दिया कि आप कभी भी यह समझौता न करें कि जो जैनत्व की मजबूती को कमजोर कर दे। विचारधारा भिन्न-भिन्न हो सकती है पर मत एक ही हो और वह जैन मत हो। विचारधाराए संगठित करने के लिए हो, विघटितकरने के लिए ना हो।






इस अवसर पर आदिनाथ दिगंबर जैन समाज मीरा मार्ग ने प्रशस्ति पत्र देकर प्राचार्य शीतलचंद का स्वागत किया। महावीर नगर जैन समाज सहित विभिन्न 80 जैन संस्थाएं शामिल हुई। शनिवार की बेला में श्रीमान रमेशचंद मनोरमा देवी, धर्मचंद, रंजना, ऋषभ, सलोनी, अवनि, भोंच परिवार पीलिया वाले ने धर्म सभा में चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पद प्रक्षालन, एव महाराज श्री के कर कमलों में शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त किया।
आज दोपहर की बेला में जैन डॉक्टर कॉन्फ्रेंस संपन्न होगी साथ ही प्रातः की बेला में महावीर नगर मंदिर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
