मनुष्य का भाग्य और नियति उसके कर्म पर निर्भर है आदित्य सागर महाराज

धर्म

मनुष्य का भाग्य और नियति उसके कर्म पर निर्भर है आदित्य सागर महाराज
कोटा
परम पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर महाराज ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में रिद्धि सिद्धि नगर कुन्हाड़ी में अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में सफलता या पात्रता सिर्फ पैसे से नहीं बल्कि भाग्य के आधार पर मिलती है।

 

उन्होंने कहा कि मनुष्य का भाग्य और नियति उसके कर्मों पर निर्भर है। हर व्यक्ति का नियोग और संयोग पहले से निर्धारित होता है। इस नियोग को ना तो टाला जा सकता है, ना ही जबरदस्ती बदला जा सकता है।

 

उन्होंने कहा कि जीवन में मानसिक स्थिरता और शुद्धता महत्वपूर्ण है वर्तमान क्षण भविष्य की नींव है, इसीलिए हर क्षण का सदुपयोग करना चाहिए। भविष्य अनिश्चित है, अतः वर्तमान में अपना सर्वश्रेष्ठ देना और जो मिला है उसमें संतुष्ट रहना महत्वपूर्ण है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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