युवा शक्ति के पर्याय जैन जगत की शान श्रीमान मनोज जैन बाकलीवाल को जैन समाज गौरव की उपाधि से सुशोभित
आगरा
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर मेडिटेशन गुरु विहसंत सागर महाराज सानिध्य में हुए अखिल भारतवर्ष जैन ज्योति सम्मेलन आहूत हुआ।
जो बहुत ही उल्लास के साथ संपन्न हुआ जिसमें आगरा की जैन समाज ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर एक और गौरव क्षण हुए जो सभी को गदगद कर देता है। जी हां जैसे ही घोषणा हुई की श्रीमान मनोज जैन बाकलीवाल को इस संस्था द्वारा जैन समाज गौरव की उपाधि से सुशोभित किया जा रहा है। इस सूचना से वहां मौजूद सभी जैन हर्षित हुए और तालिया से उनका स्वागत किया एवं संपूर्ण भारतवर्ष में यह सूचना पहुंचते ही सभी ने खुशी जाहिर की।

निश्चित रूप से श्री बाकलीवाल युवा शक्ति के प्रेरक होने के साथ-साथ जैन समाज के लिए एक पर्याय बन चुके हैं उनकी मधुरता, उनकी सेवा निष्ठा उनकी कार्य प्रणाली उनका प्रबंधन एवं बोलने की क्षमता कुशल संचालक की भूमिका के साथ साथ सभी को साथ लेकर चलने की कला बिरले व्यक्तित्व में नजर आती है। इनको अनेक संतों की आशीष प्राप्त है। आगरा के भक्तजन कहते हैं कि यदि किसी कार्यक्रम में मनोज जी ना हो तो वह कार्यक्रम अधूरा है। उनके द्वारा किया जाने वाला कार्यक्रम का संचालन सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है। आगरा नगर में हुए हुए मुनि श्री सुधा सागर महाराज के चातुर्मास में भी इनके द्वारा किया गया संचालन सभी के द्वारा सराहा गया। इनके अंदर सभी को अपना बनाने की कला विद्यमान है जिसका उदाहरण जब देखने को मिला जब सुगंध दशमी के पर्व पर सामूहिक आरती हो रही थी तब श्री बाकलीवाल आरती करने के लिए आए और नृत्य करने लगे तो मौजूद भक्त एवं शिविरथियों उन्हें कंधों पर उठा लिया। यह वास्तव में उनके वात्सल्य को दर्शाता है।
शब्द संयोजन के साथ हिंदी इंग्लिश एवं कला निपुणता
के साथ जो संचालन किया जाता है वह सभी के लिए एक प्रेरक है। निश्चित रूप से उन्हें यह सम्मान दिया जाना अनुमोदनीय है। मैं स्वयं तो यही कामना करता हूं कि उनकी वाणी की सरस्वती और पल्लवित हो और इसी तरह जैन धर्म की प्रभावना को बलवती करें यही भावना यही कामना।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
