निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीर सागर महाराज के हुए केशलोच
नेमावर
, 09 अक्टूबर 2024 ,
परम पूज्य आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के परम शिष्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीर सागर महाराज सानिध्य में नर्मदा नदी के तट पर स्थित सिद्धोदय सिद्ध क्षेत्र नेमावर में वर्षा योग के अंतर्गत अलौकिक धर्म प्रभावना हो रही है।
पूज्य गुरुदेव साधना के सतत प्रहरी है एवं अपनी तप साधना के द्वारा स्वयं मोक्ष मार्ग पर चलकर औरों को भी मोक्ष मार्ग की ओर प्रेरित कर रहे।
ऐसे दिव्य साधक पूज्य मुनि श्री ने आज केशलोच किया स्वयं के हाथों बिना किसी औजार के अपने केशो को उखाड़ देना एक अपने आप में एक उत्कृष्ट साधना है। यही प्रतीत होता है। निश्चित रूप से दिगंबर संत निर्मोही साधक होते हैं और राग रंग से परे होते हैं। क्या खूब लिखा है किसी ने
साधना के रास्ते
कामना के वास्ते
चल दे राही चल
मुक्ति की मंजिल मिले साधना के पदचिन्ह मिले चल दे राही चल
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
