बांदकपुर मे संतो का आगमन व की गयी अभूतपूर्व आगवानी
बांदकपुर
वह आयोजन जिसकी स्मृति जिसकी शोभा युगों युगों तक बनी रहेगी जी हा हम बात कर रहे है कुण्डलपुर तीर्थ पर हुए पंचकल्याणक महोत्सव की जो इस सदी का महाकुम्भ कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं है यह आयोजन सम्पन्न होने के बाद संतो के विहार भी शुरू हो गए है इन दिनों बांदकपुर धर्मप्राण नगरी बनी हुई है जहा संतो का आगमन विहार चल रहा है इसी क्रम मे बुधवार की बेला मे बांदकपुर में संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक
शिष्य निर्यापक मुनिश्री समता सागरji, मुनिश्री महासागरजी, मुनिश्री निष्कम्पसागरजी, ऐलकश्री निश्चयसागरजी, निर्यापक मुनिश्री प्रशांत सागरजी, विनीत सागरजी, शीतल सागरजी, एलक निजानंद सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। सकल दिगंबर जैन समाज की माता, बहनें, पुरुष, बच्चे बालिका मंडल युवा मंडल सहित लोगों द्वारा उनकी भव्य अगवानी की गई।
बांदकपुर की समाज को आहारचर्या कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
समाजजन द्वारा मुनि संघ को श्रीफल भेंट कर कुछ दिन का प्रवास बांदकपुर में करने का निवेदन किया। दोपहर में सामायिक के पश्चात पूज्य निर्यापक मुनिश्री प्रशांत सागर जी महाराज संघ का विहार अभाना की ओर हुआ। रात्रि विश्राम अमखेरा गांव में होगा। गुरुवार को की आहारचर्या अभाना ग्राम में हुई। वही बांदकपुर समाज को पूज्य निर्यापक मुनिश्री समता सागर महाराज संघ का का प्रवास कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी
