रामगंजमंडी के भामाशाह सुरेश कुमार सिद्धार्थ बाबरिया की ओर से जब बच्चों को स्कूल बैग वितरित किए तब बच्चों के चेहरे खिल उठे
रामगंजमंडी
कहा जाता है की बच्चों के हृदय में भगवान बसते है, और जो इनको खुश रखें तो समझो ईश्वर भी खुश होता है।
जो बच्चे आने वाले कल का भविष्य हैं। उन्हें शिक्षित करना हर व्यक्ति का कर्तव्य होता है। वही जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं लेकिन उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलपाने के कारण आर्थिक रूप से वह नहीं पढ़ पाते हैं। ऐसे बच्चों के लिए भामाशाह सुरेश कुमार सिद्धार्थ कुमार बाबरिया परिवार आगे आया।




एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपने पिता श्री श्रीमान कस्तूरचंद बाबरिया, माताश्री धापू बाई की पुण्य स्मृति में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरुंकला दरा पहुंचकर वहां अध्यनरत सभी विद्यार्थियों से बात की एवं उनका हाल-चाल भी जाना और साथ ही विद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित किए। जब यह बच्चों को स्कूल बैग वितरित कर रहे थे तो बच्चों के चेहरे पर एक अलग मुस्कान दिख रही थी। मानो लग रहा था की इन बच्चों को केवल साहस बढ़ाने वाले व्यक्तित्व की जरूरत है।
निश्चित रूप से यह वास्तविकता एवं यथार्थ सत्य है कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची उपासना है। उनके इस पुनीत कार्य की शाला परिवार के प्रधानाचार्य महोदय श्री शकील खान पठान एवं स्टाफ के सभी अध्यापकों के द्वारा आभार जताया एवं उनका स्वागत किया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
