युद्ध से आजतक कभी किसी समस्या का हल नहीं निकला प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव 108 विद्यासागरजी महाराज के परम प्रभावक शिष्य भावनायोग प्रवर्तक मुनि श्री108 प्रमाणसागर जी महाराज, मुनि श्री108 निर्वेगसागर जी महाराज ,मुनि श्री 108 संथानसागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में सर्वधर्म प्राथना सभा का आयोजन मोहताभवन में किया गया।
इस अवसर पर सभी धर्म के प्रमुख उपस्थित थे कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य गुरूदेव विद्यासागरजी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर की गई। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कवि राजीव शर्मा ने किया।

इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री 108प्रमाणसागर जी महाराज ने णमोकार महामंत्र से शुरुआत करते हुये विश्व में शांति और सदभाव के लिये प्रार्थना कीउन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व विषमताओं के दौर से गुजर रहा है।
आये दिन आप लोगो ने समाचार पत्रों के माध्यम से विश्व में युद्ध की स्थिति से मुझे अवगत कराया तो में तीसरे विश्वयुद्ध की कल्पना से सिहर उठा मुनि श्री ने कहा कि युद्ध से आजतक कभी किसी समस्या का हल नहीं निकला।
उन्होंने कंप्यूटर का जिक्र करते हुए कहा कि आजकल तो पूरा युद्ध कम्युटर से लड़ा जाता है यदि किसी के दिमाग में फितूर आ गया तो पूरा विश्व सर्वनाश की ओर आगे बढ़ जाएगा। यदि हम सभी लोग प्रार्थना करें तो निश्चित ही उनका हृदय परिवर्तन होगाऔर सदबुद्धि आएगी।

महाराज श्री ने इस और भी ध्यान आकृष्ट किया कि न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व में यह संदेश जाना चाहिये कि विश्व में शांति हो। यह कार्य एक दिन के कार्य से पूर्ण नही होगा यदि दुनिया में शांति के संदेश गूजेंगे तो मुझे उम्मीद है कि मिसाइल थम जाएगी।
उन्होंने भारतीय संस्कृति के विषय में उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सह अस्तित्व मूलक संस्कृति है सारे प्राणियो को अपने समान जानो भगवान महावीर कहते है कि जैसी तुम्हारी आत्मा है वैसी संसार के सभी प्राणियों की आत्मा है। जैसे तुम जीना चाहते हो वैसे सभी जीना चाहते है तुम भी जिओ और सभी प्राणियों को जीने दो।
हम किसी भी पंथ से हों अपने समान औरों के अस्तित्व को स्वीकार करें यदि हमारे अंदर सहअस्तित्व की भावना जाग गयी उसी समय संवेदनशीलता भी जाग जाएगी तथा सहिष्णुता आएगी। भले ही सभी का धर्म समप्रदाय अलग है लेकिन सभी की आत्मा एक है।
सटीक एवं यथार्थ सत्य बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि जब किसी को खून की आवश्यकता होती है तो किसी के जाति संस्कार नहीं देखे जाते बल्कि ग्रुप मेंच किया जाता है। यदि सभी लोग पांच मिनट प्रार्थना करेंगे तो सब कुछ परिवर्तित होगा।
उन्होंने सभी को जोर देते हुए कहा कि युद्ध की चर्चा न करो शांति की बात करोगे तो शांति आएगी। मुनि श्री ने कहा कि विभिन्न टी.वी. चैनलों पर भी सिर्फ युद्ध की चर्चा न करते हुये सिर्फ शांति की चर्चा करें।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर श्वेतांबर संत राजेश मुनि, फादर पायस, ब्रह्माकुमारी अनीता दीदी उप काजी शफीक जी, ज्ञानी ग्रंथी सज्जन सिंह जी, पंडित योगेंद्र महंत जी मौजूद रहे।
इस अवसर पर पं. रामचंद्र शर्मा ने भी अपना संबोधन दिया मुनि श्री ने जगत में शांति के लिये एक मंत्र दिया “औम हृरीम जगत शांति कराय श्री शांतिनाथाय नमः सर्व उपद्रव शांति कुरु कुरु स्वाहा” मीडिया प्रभारी राहुल जैन तथा धर्म प्रभावना समिति के प्रवक्ता अविनाश जैन, अध्यक्ष अशोक डोसी,महोत्सव अध्यक्ष नवीन गोधा,आनंद गोधा,महामंत्री हर्ष जैन सहित धर्म प्रभावना समिति के सभी पदाधिकारियों ने सभी धर्म गुरुओं का सम्मान किया। एवं मुनि श्री ने आशीर्वाद के साथ सभी धार्मिक ग्रंथ भेंट किये। एवम मंगलभावना का पाठ संपन्न हुआ।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
