जीवन में आये ठहराव देते हैं आत्म अवलोकन का अवसर*

धर्म

*जीवन में आये ठहराव देते हैं आत्म अवलोकन का अवसर*
ज़िंदगी में ठहराव का भी महत्व होता है। यह प्राय सभी के जीवन में आता है चाहे राजनितिक जीवन हो सामाजिक या व्यापारिक जीवन। हमें जब कभी जीवन में ठहराव महसूस हो, तो आत्मचिंतन के लिए समय निकालें,ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए रुकना भी ज़रूरी है। ठहराव का मतलब है रुकना, समीक्षा करना, और फिर से आगे बढ़ने के लिए सोचना।यह चिंतन करना कि बिगत दिनों में हमने क्या खोया क्या पाया, कौन अपना और कौन पराया है ठहराव के दौरान, आप अपनी व्यक्तिगत यात्रा के अगले चरण के लिए क्या महत्वपूर्ण है, यह देख सकते हैं.

 

 

ठहराव के दौरान, आप अपने जीवन को उन क्षेत्रों में काम कर सकते हैं जिन पर ध्यान देने की ज़रूरत है.ठहराव के दौरान, आप सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए अपने सुझावों का पालन कर सकते हैं।सक्रियता के साथ ठहराव को भी खुले मन से स्वीकार करने की ज़रूरत है.
जब यह ज्ञात हो कि इस जगह पर मेरे कुछ भी बोलने, या मेरे कुछ भी करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा तो उन मामलों में नहीं पड़ें।जहां हमारी क्रिया प्रतिक्रिया का कोई वजूद नहीं, वहां मै मौजूद नहीं।

 

बस यही मंत्र जीवन से हर प्रकार के तनाव को दूर करता है।
ज़िंदगी में ठहराव आना ज़रूरी है. ठहराव के ज़रिए हम अपने मन को आराम देते हैं और मानसिक दबाव से बचते हैं. साथ ही, ठहराव के ज़रिए हम खुद की जांच कर सकते हैं और गलतियों को सुधार सकते हैं. ठहराव से जुड़ी कुछ खास बातेंः
ठहराव, आगे की यात्रा को सहज बनाता है.
ठहराव, बिखरे हुए को समेटने का एकमात्र विकल्प है.ठहराव, ज़िंदगी में बहुत कुछ सीखा देता है.

 

ठहराव, जीवन में बदलाव लाने में मदद करता है.
ठहराव, आगे बढ़ने के लिए बीच-बीच में ज़रूरी है.
ज़िंदगी में ठहराव लाने के लिए ये बातें ध्यान में रखी जा सकती हैं:अपने जीवन का नियंत्रण परमेश्वर को सौंप दें.अपनी बात पर अडिग रहें, झूठे और चालाक लोगों से दूर रहें।किसी के काम में तब तक दखल न दें, जब तक कि आपसे पूछा न जाए.माफ़ करना और कुछ बातों को भूलना सीखें.रोज़ाना ध्यान करें.उतना ही काम हाथ में लें, जितना पूरा करने की क्षमता हो।
जय जिनेन्द्र
संजय जैन सर्राफ कामां

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