भगवान की भक्ति करोगे भाग्य बुलंद हो जाएगा आचार्य विमर्शसागर महाराज
दिल्ली
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विमर्श सागर महाराज ने कृष्णा नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आत्मा को उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए,मनुष्य पर्याय ही एक ऐसी पर्याय है जो आपके जीवन सुख का द्वार खोलती है।अपने जीवन के निर्धारण को स्वयं संभालना होगा। धर्म जीवन देता है कर्म वस्तु देता है।
महाराज श्री ने कहा की अवस्था को नमन किया जाता है। एक समय था जब आप अपने बेटे डाटते थे,आज मुनि बन जाने के बाद आप नमन कर रहे है, वंदना कर रहे है। आज वह बेटा जगत पूज्य हो गया। दृष्टि को बदले बेटे ने आत्मा की शक्ति को देखा आपने अपने अपने बेटे को देखा लेकिन गुरु ने देखा साधु बन गया आप में भी परमात्मा बनने की योग्यता है। । अपने अंदर ही आत्मा में परमात्मा बनने की शक्ति का अहसास करो अपने अंदर भगवान को देकर निहारा लो एक अच्छी पर्याय बनकर आएगी आपकी आत्मा में भी परमात्मा बनने की शक्ति विद्यमान है।

उन्होंने कहा तुम सब गेहूं हो इंद्र बनकर मुनिराज बनने की शक्ति है निर्मल वृति बनने की शक्ति प्राप्त करो तभी तुम परमात्मा बन सकते हो। बंधुओ अपनी दृष्टि को केवल बनाइए अपने जीवन में सदगुरु से ज्ञान प्राप्त कर सकते है। गुरु की विनय सेवा पहला कर्तव्य है ज्ञान लेना आपका लक्ष्य है गुरु से सन्मार्ग आचरण सीख सकते है।
परिवार को मगरमच्छ घड़ियाल की संख्या देते हुए कहा कि







आपके जीवन में यदि वैराग्य आ गया कोन रोकने की कोशिश करेगा परिवार ही परिवार में ऐसी मछलियां सर्वत्र घूम रही हैं। कर्म हमेशा एक जैसा नही होता है भगवान की आराधना जरूरी है संकट के समय परमात्मा की शरण ही होता है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
