प्रमाण सागर महाराज ने अहिल्या विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को पहुंचकर मोटिवेशन दिया क्षणभर की मस्ती के पीछे अपने जीवन का विनाश न करें” मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज

धर्म

“प्रमाण सागर महाराज ने अहिल्या विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को पहुंचकर मोटिवेशन दिया क्षणभर की मस्ती के पीछे अपने जीवन का विनाश न करें” मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज
इंदौर
क्षणभर की मस्ती के पीछे अपने जीवन का विनाश न करें”मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं को मौटीवेशन देते हुये व्यक्त किये।

 

उन्होंने कहा कि यहा पर आकर आप सभी को जीवन के मूल्य का बोध कराने में मुझे भी अच्छा लग रहा है,आप सभी लोग यहा पर अपने जीवन का एक लक्ष्य लेकर आये है, उस लक्ष्य में सभी सफल हों इसका में आपको आशीर्वाद देता हूं।उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता क्यों मिलती है? उस पर अपना उदबोधन देते हुये कहा कि अक्सर आप लोग सेल्फ डिसीजन नहीं ले पाते और जिस और सब चल रहे है उस और चल पढ़ते है जीवन में क्या उचित है या क्या अनुचित है का बोध हो जाए तो ज्यादा कुछ कहने या करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि आत्मानुशासन आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है जब तक आपके अंदर आत्मविश्वास अर्थात सेल्फ कान्फीडेंस जाग्रत नहीं होगा तब तक आप आगे नहीं बढ़ सकते और आत्म विश्वास के लिये आत्मानुशासन अर्थात सेल्फ डिसीप्लीन आवश्यक है और जब आप सेल्फ डिसीप्लीन में चलते है तो आपको सेल्फ सैटिस्फैक्शन भी आ जाता है। उन्होंने कहा आजकल लोग आत्ममुग्धता में जीते है, आत्ममुग्धता में मत जिओ मुनि श्री ने अपने चालीस मिनट के उदबोधन में छात्र एवं छात्राओं को कही बहूमूल्य सुझाव देते हुये दिशा बोध कराया और कहा कि यह जीवन बहुत अमुल्य है “सब कुछ खरीदा और बेचा जा सकता है, लेकिन जीवन को खरीदा या बेचा नहीं जा सकता” आप लोग यह तो जानते ही है कि क्या अच्छा है क्या बुरा यदि आपने अंदर की बुराइयों को पहचान लिया तो जीवन में अच्छाईयां अपने आप आ जाएगी। ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

 

इस अवसर पर छात्रो ने भी प्रतिप्रश्न किये मुनि श्री ने उन सभी प्रश्नों का सटीक जबाब दिया। धर्म प्रभावना समिति के प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया प्रातः6 बजे मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज एवं मुनि श्री संधान सागर जी महाराज क्षु श्री स्वरूप सागर महाराज एवं क्षु.श्री सुभग सागर महाराज मोहताभवन से पद विहार कर छावनी स्थित दि.जैन मंदिर पहुंचे एवं श्रावकों के अनुरोध पर शांतीधारा कराई तत्पश्चात देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में पहुंचे रास्ते में जैन श्रावको ने उनका पाद प्रछालन कर आशीर्वाद लिया। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति डा. रैणु जैन,डा.अनुपम जैन, तथा प्रोफेसर साथियों ने मुनि श्री का पाद प्रछालन किया एवं श्री फल समर्पित कर उनकी आगवानी की।

 

 

इस अवसर पर कुलपति डा. रैणु जैन ने कहा कि मुनि श्री संघ सहित यहा पधारे में विश्वविद्यालय परिवार की और से उनका कृतज्ञता ज्ञापित करती हूं उन्होंने कहा विश्वविद्यालय में 16 फैकल्टी है एवं 400 अधिकारी है,तथा यह विश्वविद्यालय 260 विद्यालय से संबद्ध है लगभग तीन लाख छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। मीडिया प्रभारी राहुल जैन एवं प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया कार्यक्रम के पश्चात मुनिसंघ का प्रस्थान मोहता भवन के लिये हुआ।कार्यक्रम का संचालन डा.अनुपम जैन ने किया इस अवसर पर प्रोफेसर आशुतोष मिश्रा, प्रोफेसर अशोक शर्मा, प्रोफेसर अनंत पवार, उपस्थित थे आभार प्रोफेसर अजय वर्मा ने किया। धर्म प्रभावना समिति की ओर से उपस्थित सभी प्रोफेसर को मुनि श्री का साहित्य भेंट किया गया।इस अवसर पर धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष अशोक डोसी महोत्सव अध्यक्ष नवीन गोधा महामंत्री हर्ष जैन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
अविनाश जैन विदिशा से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *