दुनिया में एक व्यक्ति चुनो, जिसके सामने तुम कुछ भी मत छुपाना : निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

धर्म

दुनिया में एक व्यक्ति चुनो, जिसके सामने तुम कुछ भी मत छुपाना : निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज
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🗓️ 21 सितम्बर 2024, शनिवार• भाग्योदय तीर्थक्षेत्र, सागर
निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 1083 सुधा सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा की दुनिया में एक व्यक्ति चुनो जिसके सामने तुम कुछ भी मत छुपाना, इसकी शुरुआत माँ-बाप से करो,मैं मम्मी पापा से कुछ नही छुपाऊंगा,उनसे कभी झूठ नहीं बोलूंगा,जो कुछ भी मैने किया है, सब साफ साफ कहता रहूंगा यदि यह नियम आपका हो गया तो शुरुआत से ही आपकी गति बढ़ जाएगी, फिर गुरु से कुछ मत छुपाना और सबसे बड़ी बात अपनी आत्मा से कुछ मत छिपाना।

 

 

महाराज श्री ने कहा कि सबसे ज्यादा झूठ बोलने वाला कोई अनुयोग है तो वह है द्रव्यानुयोग, उसका नेचर है वह भावी पर्याय को देखता है, वर्तमान पर्याय को बोलता नही, अतीत में तुम क्या थे वो कहता है मुझे पता नही। यदि माँ झूठ नही बोले तुम वह माँ नही, और माँ की बात बेटा मान ले तो वह बेटा नहीं। वह सच्ची माँ है द्रव्यानुयोग लेकिन माँ के व्यामोह में मान लो तो क्या होगा तुम्हारा, पूछो आत्मा से क्या तुम्हारी आत्मा कषाय से रहित है।

 

दुश्मन पुराण पढ़ो, दुश्मन का स्वरूप क्या है, जो अपने प्रतिपक्ष का सदा बुरा विचारता है, बुरा सुनता है, बुरा बोलता है, बुरा करता है। वस्तु का स्वभाव ही धर्म है, जब दुश्मन है तो दुश्मन बुरा ही सोचेगा, गाली ही देगा, वो अधर्म नही, धर्म कर रहा है क्योंकि दुश्मन पुराण यही कहता है कि जो दुश्मन हो वह दुश्मन का बुरा विचारे। हा मित्र होकर गाली देवे तो अधर्म है, वह कानून के खिलाफ है। जो जितना मृदु होता है उसमें उतने ही कठोरपने की शक्ति होती है। साधु जितना सरल होता है उसमें उतना ही छलकपट करने की ताकत होती है। व्यक्ति जितना जितना धर्मात्मा है उतना उसमें अधर्म करने की शक्ति है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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