जो मनुष्य जितना त्याग करता है वह उतना ही ज्यादा सुखी रहता है। पवित्रमति माताजी
नोगाव
दस लक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म पर पूजा अर्चना कर आराधना की गई ।आर्यिका पवित्रमति माताजी ने कहा कि जो मनुष्य जितना त्याग करता है वह उतना ही ज्यादा सुखी रहता है। उन्होंने श्रद्धालुओं के मन में त्याग की ओर दान भावना जागृत की।
प्रातः परम पूज्य पवित्र मति माताजी के सानिध्य में चातुर्मास पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा बड़े भक्ति भाव से शांतिधारा और प्रथम अभिषेक करने का सोहनलाल लुणजी और जैन मंदिरों में अभिषेक और शांतिधारा करने का धर्म लाभ गांधी अखिल कुमार प्रकाश चंद्र गांधी संजय विनोद कुमार जैन, संदीप विनोद पंचोरी, समवशरण मंदिरजी में अतिवीर अतिशय गांधी और डॉ अजीत गांधी के परिवार को मिला । सौभाग्य को प्राप्त हुआ। प्रतिदिन की भांति रविवार को माता जी के सानिध्य में भक्तांबर विधान के अर्घ्य बड़े भक्ति भाव से वाद्य यंत्रों के मधुर स्वर लहरों के साथ नाचते गाते हुए भक्ति करते हुए चढ़ाए गए और 10 लक्षण विधान के अर्घ्य भगवान के जयकारों लगते हुए चढ़ाए। द्रव्य दान करने की पुनार्जक नानावटी अमित सुभाष चंद्र को प्राप्त हुआ । इंद्र बनने का सौभाग्य सुभाष चंद्र नानावटी पंचोली सुरेश चंद्र जीतमल, राजेश छगनलाल कुबेर इंद्र गांधी वैभव महेंद्र कुमार को प्राप्त हुआ
दोपहर में माता जी द्वारा तत्व सूत्र का वाचन किया गया शाम को माता द्वारा प्रतिक्रमण कराया गया मोनू भैया मुंगावली व रमेश चंद्र




गांधी वीना दीदी द्वारा भक्तांबर के 48 दीप मंत्रो उच्चारण के साथ प्रज्वलित करवाए गए राशि दीदी द्वारा त्याग धर्म पर मंगल प्रवचन हुए अभी 10 लक्षण धर्म के तहत संस्कार शिविर चल रहा है जिसमें प्रतिदिन प्रातः 5:00 बजे प्रार्थना प्रतिक्रमण सामयिक शिवराथीयो कराया जाता है एवं शिवराथीयोद्वारा व्रत नियम के तहत पांच उपवास 10 उपवास एवं 16 उपवास चल रहे हैं आज जैन पाठशाला के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम वी नाटक का मंचन किया गया उक्त जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी द्वारा
