धर्म के बिना कीमत नहीं होती है व्यक्ति की विमल सागर महाराज
खिमलासा
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 10 लक्षण पर्व के प्रथम दिवस उत्तम क्षमा धर्म पर प्रवचन देते हुए पूज्य मुनि श्री 108 विमल सागर महाराज ने कहा कि धर्म के बिना कीमत नहीं होती है व्यक्ति की, वह दर दर की ठोकरे खाता है। धर्म कार्यों में धन खर्च करो, जिसके पास धर्म होता है उसके चरणों में वैभव लौटता है। धर्म से नौ निधिया मिलती हैं, क्रोध में हमेशा हार होती है, क्षमा जय पताका उपहार होती है।
धर्म सभा में पूज्य मुनि श्री 108




भावसागर महाराज ने भी अपने वाणी से कृतार्थ करते हुए कहा कि क्षमा उनसे मांगे जिनसे हमारी बनती नहीं है। क्षमा न करने से व्यक्ति तनाव ग्रस्त रहता है। क्षमा वंदनीय है, क्षमा जिंदगी,क्षमा साधना, क्षमा प्रार्थना, आदि है। भारत ऐसा देश है जिसने हमेशा दुश्मन की भूलों को क्षमा किया है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
