बेटीयों को को-एजूकेशन में न पढ़ाए बेटीयो को बचा कर पढ़ाए- सुधासागर महाराज
सागर
भाग्योदय तीर्थ परिसर में मंगल प्रवचन देते हुए निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज ने कहा की कन्या जाति को माँ बाप को कभी भी स्वयं से अलग नही करना चाहिए, अपनी कस्टडी में अपने सामने, अपनी देखरेख में रखना चाहिए, ये माँ बाप का दोष है। जितना को-एजुकेशन बढ़ेगा भारत भ्रष्ट होता जाएगा, जवानी के बच्चे बच्चियाँ 5 -5 घण्टे एक टेबल पर बैठकर पढ़ेंगे तो नियम से एक दूसरे का आकर्षण बढ़ेगा और आप सोचते है बच्ची बच जाये।उन्होंने कहा आग में बच्चा बच्ची गिरे तो बच जाए लेकिन को-एजुकेशन में जाने वालों को बचाना उससे भी कठिन है। मत पढ़ाओ बच्चियों को लेकिन को-एजुकेशन में मत भेजो बच्चे बच्चियों को, उसी में जाये जहाँ बच्चियों की ही पढ़ाई होती हो। जब तक पति का संरक्षण न मिले तब तक पिता का संरक्षण बच्ची को मिलना चाहिए, चाहे वह पढ़े या न पढ़े, पिता को अपनी निगरानी में रखना चाहिए। 
उन्होंने कहा इसलिए पूज्य आचार्य श्री ने बच्चियों को त्यागी व्रतियों के संरक्षण में रखा। आज बच्चियों के लिए जैन स्कूल हर जिले में खुलना चाहिए, जैनियों की बच्चियाँ वही पढ़ना चाहिए।इस बात पर भी जोर दिया कीएक अभियान चलाया जाए जैनियों की बच्चियाँ, को-एजुकेशन में नहीं पढ़ेगी!मनोज जैन बाकलीवाल आगरा से प्राप्त जानकारीसंकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
