जैन मुनि की उत्कृष्ट कठोर साधना का उदाहरण मुनि श्री सविज्ञसागर महाराज मुनिश्री सविज्ञसागर महाराज का आज 17 उपवास निर्जला पूर्ण 

धर्म

जैन मुनि की उत्कृष्ट कठोर साधना का उदाहरण मुनि श्री सविज्ञसागर महाराज मुनिश्री सविज्ञसागर महाराज का आज 17 उपवास निर्जला पूर्ण 
नैनवा जिला बूंदी राजस्थान
निश्चित रूप से यह सत्य कथन है कि हमारे जैन संत धरती पर जो बहुत ही सुंदर पंक्तियां में हम कह सकते हैं।
तुम विश्व धर्म के सूरज हो,
तप त्याग की अद्भुत मूरत हो
है।धन्य धन्य महिमा तेरी तम हरने वाले सूरज हो
जी हां इसका अनुपम उदाहरण नैनवा जिला बूंदी राजस्थान में परिलक्षित हो रहा है।

 

 

यहा परचतुर्थ पटाधीश आचार्य श्री 108सुनील सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री 108 श्रुतेशसागर जी महाराज मुनि श्री 108सविज्ञसागर जीमहाराज छुल्लक105 सुप्रकाश सागर जी महाराज का वर्षायोग नैनवा राजस्थान में भक्ति उल्लास के वातावरण में संपन्न हो रहा है

नैनवा की धरा पर एक अद्भुत आलोक जैन संत की साधना देखते बन रही है जी हा उत्कृष्ट तपस्वी मुनि श्री 108 सविज्ञसागर जी सागर महाराज वर्षा योग कलश स्थापना से
तीन निर्जल उपवास एवम एक आहार कर रहे।

 

श्री महावीर जैन सरावगी नैनवा जैन गजट संवाददाता ने बताया कि

 

 


मुनि श्री ने उत्कृष्ट तप साधना करते हुए निर्जला 17 उपवास तपसाधना करते हुए पूर्ण किया। पंचम युग में इतनी साधना अपने आप में अद्भुत है इनकी साधना देखा और लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। बहुत ही खूबसूरत लिखा है किसी ने दिगंबर संत के लिए जिनकी है निष्काम साधना उनका साहस अदम्य है। जिनके लिए आकाश ही अंबर है ऐसे दिगंबर संत का क्या कहना सचमुच ऐसे निर्ग्रंथ संत साधना के सुमेरू है।
यह नैनवा नगरी का बहुत बड़ा पुण्य एवम स्वर्णिम अवसर है कि वर्षायोग नैनवा को मिला दूर-दूर से गांव-गांव से बड़े-बड़े शहरों से से प्रतिदिन मुनि श्री दर्शन करने लोग उमड़ रहे हैं
किशनगढ़ जहां आचार्य श्री सुनील सागर महाराज विराजित हैं वहां से अनेकों भक्त महाराज श्री की सेवा सुश्रुषा करने किशनगढ़ से नैनवा आते हैं ।
सचमुच सेवा भक्ति तप साधना का बेजोड़ संगम नैनवा राजस्थान की पावन धरा पर दृष्टिगत हो रहा है।
वर्षायोग में ऐसा प्रतीत होने लगा है कि यहां बहुत बड़ा उत्सव हो रहा है। मेरा नम्र प्रणाम है जग के उन सब मुनिराजो को
सिद्धों की श्रेणी में आने वाला जिनका नाम है मेरा नम्र प्रणाम है
महावीर सरावगी मुनि श्री से तप साधना के विषय में जानना चाहा तो महाराज श्री ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा दिगंबर साधु अपनी तप साधना में ईश्वर का स्मरण करते हैं संयम ही सबसे बड़ी मुनि की पहचान है।

 

 

महावीर कुमार जैन सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट9929747312

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