इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले- गुरुवर मेरे निकट हों, हो नवकार का सहारा, भगवान का मन्दिर निकट हो, सब नवकार मुझे सुनायें यह भावना पूर्ण हुई भिंड निवासी श्रीमती माया जैन की
आगरा–
भिन्ड निवासी 75 वर्षीय श्रीमती माया जैन जो उपरोक्त भावना नित्य भातीं थीं ने अपनी अंतिम सांसे कुछ इसी प्रकार से श्री महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर कमलानगर आगरा के पास, संत निलय मे विराजित दिगम्बर युगल मुनिराज के चरणों मे उनसे सम्बोधन सुनते सुनते नवकार महामंत्र के उच्चारण के मध्य अपनी अंतिम सांस रात्रि 11.30 पर छोडी! धन्य है वह साधु आत्मा जिसने अन्तिम समय अपना जीवन संवार लीया!
आगरा, दि.3/09/24 स्व.श्रीमति माया जैन, अभी कुछ दिन पूर्व ही पैदल सम्मेद शिखर की वन्दना कर के आयीं थीं, आने के बाद कुछ बुखार सा आया,जो बढ़ता गया, तबियत बिगडने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया,

जहां भी तबियत बिगडती चली गयी, विगत दो दिन से वे परिवार से मुनिराज के पास आने की जिद कर रहीं थीं, कल जब डाक्टरो ने अनुमती दी, तो कल सांय, परिवार उन्है उपाध्याय श्री विहसन्तसागर सागर जी महाराज के पास ले आया! आते ही उपाध्याय श्री ने उनको सम्बोधन देना प्रारम्भ कर दीया था व चारों प्रकार के आहार का त्याग करा व्रत धारण करा दिये!


सांय से युगल मुनिराज उन्हीं के पास बने रहे, रात्री 11.15 पर जब उनकी सांसे तेज चलने लगी, तब भी युगल मुनिराज उनके पास रहकर नवकार व सम्बोधन करते रहे! कल रात्री 11.30 पर उन्होने अन्तिम सांस ली!
आज प्रात: 9.30 पर उनके पार्थिव देह को उनके परिवार जन व सकल दिगम्बर जैन समाज कमलानगर के बंधुओ के साथ अन्तिम संस्कार की क्रियाएं संपन्न की गई। ऐसा मरण कोई पुण्य आत्मा के जीवन में ही आता है धन्य है ऐसे परिवारजन धन्य है ऐसी श्राविका।
मनोज जैन बाकलीवाल आगरा से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
