श्रुतपंचमी का महापर्व दुर्लभ जैन ग्रन्थ व शास्त्रों की रक्षा के महादिवस पर पालकी यात्रा निकाली गई

धर्म

श्रुतपंचमी का महापर्व दुर्लभ जैन ग्रन्थ व शास्त्रों की रक्षा के महादिवस पर पालकी यात्रा निकाली गई

धांमनोद//

धांमनोद जैन समाज ने श्रुतपंचमीजी के महापर्व पर समाज जंन ने भव्य चलसमारोह जिसमे बेदी की विशेष सजावट कर उसमें जिनवाणी माता को विराजमान कर के बेदी को चार महिलाओं ने बोली लगाकर बेदी को उठाया व बहुत सी महिलाओ ने जिनवाणी की सजावट कर थाली में रखकर अपने मस्तक पर रखकर चल रही थी

 

 

 

 

चल समारोह ढोल धमाकों के साथ नगर के मुख्य मार्गो से महेध्वर फाटे पर पहुचा मार्गो में जगह जगह बेदी पर विराजमान ग्रन्थ जिनवाणी की आरती समाजनो के दुवारा की जा रही थी समाजजन व युवाजन जैन धर्म की ध्वजा लेकर चल रहे थे व जिनवाणी माता की जय जय के जयकारे भी लगा रहे थे

 

समाज अध्यक्ष महेश जैन व सचिव दीपक प्रधान ने बताया कि चल समारोह जैन मंदिर पहुचा जहाँ भगवान का अभिषेक एवम शांति धारा की गई। जिसका सौभाग्य नरेंद्र जैन को प्राप्त हआ धार्मिक प्रभारी प्रभा प्रधान ने बताया कि जिनवाणी माता का पूजन हुआ इस दौरान महिलाओं ने बेदी पर विराजित ग्रन्थ को अपने मस्तक पर उठाने का सौभाग्य प्राप्त किया

 

 

 


एवम पुरुष वर्ग को भी यह सौभाग्य प्राप्त हुआ, श्रुत पंचमी का महत्व बताते हुए सचिव दीपक प्रधान ने बताया कि आज के दिन ही। आचार्य श्री धरसेन ओर उनके शिष्य आचार्य पुष्पदंत व भूतबलि ने श्री षष्टखण्डागम ग्रन्थ जी की रचना को पूर्ण कर के श्रुत परम्परा को आगे बढ़ाया क आज के दिन में गर्न्थो को सहेजकर बढ़िया से बढ़िया सजावट कर रखे जाते है मन्दिर जी मे शाम को महिलामण्डल ने आरती व भक्ति की इस दौरान समाजजन भारी संख्या में उपस्थित थे। एवम मुनिसेवा समिति का विशेष सहयोग  रहा दीपक जैन प्रधान से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडीकी रिपोर्ट 9929747312

 

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