जैन मंदिर में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस गणधर वलय स्तोत्र सेमिनार परीक्षा का हुआ पुरस्कार वितरण, प्रथम स्थान आयुष जैन ने प्राप्त कर बाजी मारी
एटा
पुरानी बस्ती स्थित दिगंबर जैन बड़े मंदिर में भारत गौरव सम्यकज्ञान शिरोमणि गणिनी आर्यिका 105श्री विशुद्धमती माताजी एवं प्रज्ञा पद्मिनी पट्ट गणिनी आर्यिका105 श्री विज्ञमती माताजी के मंगल आशीष एवं सानिध्य में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस मनाया गया,
पंचरंगी जैन ध्वज का ध्वजारोहण ब्रह्मचारिणी अदिति दीदी प्रियंका दीदी ने एवं राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण पंचायत अध्यक्ष श्रीमान योगेश जैन द्वारा किया गया, उससे पूर्व मंगलाचरण एवं देश भक्ति नृत्य की सुंदर प्रस्तुति कु० ऐश जैन एंजेल एवं नव्या जैन द्वारा की गई। 
चित्रअनावरण दीप प्रज्वलन क्रमशः नरेंद्र जैन, गजेंद्र जैन, कुलदीप जैन, आनंद जैन, सोना शास्त्री, संजय जैन, नितिन जैन एवं माताजी का पादप्रक्षालन, शास्त्र भेंट योगाचार्या वीनेश जैन, सुनीता जैन ,डा० अखिलेश जैन, शशि जैन ने किया!
कार्यक्रम का कुशल संचालन विपिन स्वामी ने किया !पट्ट गणिनी






आर्यिका 105 विज्ञमती माताजी के संयोजन में गणधर वलय स्त्रोत सेमिनार के उपरांत हुई परीक्षा में प्रथम आयुष जैन द्वितीय अंशिता जैन एवं तृतीय पुरस्कार व गौरव जैन ने प्राप्त किया एवं 10 सांत्वना पुरस्कार विजेताओं के नाम घोषित किये,, प्रथम पुरस्कार 1 किलो चांदी से बना पूजन बर्तन सेट, द्वितीय 750 ग्राम एवं तृतीय पुरस्कार में 500 ग्राम चांदी से बने पूजन सेट प्रदान किये गए वही सांत्वना पुरस्कार के दस विजेताओं को चांदी के णमोकार मंत्र लिखी शील्ड प्रदान की गईं!

इस अवसर पर माताजी ने अपने मंगल उद्बोधन के माध्यम से बताया कि आज स्वतंत्र होने का दिवस है सिर्फ एटा ही नहीं संपूर्ण स्वतंत्र भारत आज राष्ट्र ध्वज फहरा रहा है! अहिंसा का शंखनाद करने वाले भगवान महावीर ने जो सूत्र दिए उन अहिंसा के सूत्र को महात्मा गांधी ने अपनाते हुए भारत देश को स्वतंत्र कराया उनके समर्पण के कारण आज उन्हें देश बापू के नाम से पुकारता है उनका बलिदान हम विस्मरण नहीं कर पाएंगे उन्होंने इतिहास गढ़ा है सभी बलिदानी हिंदुस्तानी सदैव अमर रहे ,यह जैन भारत है साधारण नहीं है यह भारत का वही इतिहास है जिसने हमेशा देना सीखा है लेना नहीं, अगर जैनों के हाथ उठे हैं तो समझो हम भी ऊंचे उठे हैं जैन ध्वज को बहुत तन्मयता से ऊंचा रखना है, भारत की अस्मिता बचाए रखें पाश्चात्य की संस्कृति भारत की संस्कृति न बनने पाए इसका विशेष ध्यान रखना! शिविरार्थियों को आशीष प्रदान करते हुए उन्होंने कहा श्रद्धा समर्पण और आस्था तीनों चीजों के साथ आपने अपने अंदर विश्वास जगाया इसीलिए तुम्हें सेमिनार में सफलता मिली है आपको विनर बनाना मेरा उद्देश्य है जो मेहनत करता है वह कीमती ही नहीं बेशकीमती होता है, जिन्होंने गणधर वलय स्रोत पढ़ा है उनकी जीवन नैया समझो पार हो गई कश्तियां उनकी ही डूबती है जिनके ईमान डगमगाते है, सांत्वना पुरस्कार विजेता क्रमशः अंजलि जैन सुनीता जैन अक्षत जैन प्रतिभा जैन श्वेता जैन सुब्रता जैन, साक्षी जैन रश्मि जैन पुलकित जैन को संघस्थ आर्यिका विजित मती विकर्षमती माता जी , विदर्शमती माताजी,विश्रुतमती माता जी क्षुल्लिका विपुलमती माताजी के करकमलों से पुरस्कार प्रदान कर धर्म वृद्धि का आर्शीवाद प्रदान किया!प्रथम द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदाता श्रीमान ललित जी चित्रा गंगवाल ,राजमल जी तरुलता पाटोदी तलवंडी कोटा एवं राजेश जैन संगीता जैन का विशुद्ध भक्त परिवार द्वारा आभार प्रकट किया गया!श्री दिगंबर जैन वीर मंडल एवं चुनमुन झांकी मंडल को माताजी के मंगल विहार में सकुशल एटा तक लाने वाले सहयोगी जनों का सम्मान भी किया गया !
इस अवसर पर श्रीमान योगेश जैन, निर्मलजैन, विजय जैन सुनील बांदा ,संजय जैन बंटी पॉपुलर, अंशुल वर्धमान, हिमांशु,राघवेंद्र जैन, महेंद्र जैन ,अमित जैन ,जॉनी जैन, अंकित जैन, सेतु जैन, दिनेश जैन ,विशाल जैन, श्रीमती बबिता जैन प्रेरणा ,मंजू जैन, वीनेश जैन, टिंकल दीदी ,चिंकी जैन,रेनू जैन,चित्रा आंटी, अंशू जैन,शिल्पी जैन, आशा जैन ,रजनी जैन, ममता जैन, सोना जैन, सोनिया जैन ,नेहा जैन परी जैन ,रक्षा जैन ,दिशा जैन आदि मंदिर में उपस्थित थे!
बबीता जैन एटा से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेकजैन लुहाड़िया रामगंज मंडी कीरिपोर्ट 9929747312
