गींगला में कवि सम्मेलन में हास्य रचनाओं पर खूब लगे ठहाके
नवनिर्मित वेदी पर विराजमान भगवान की प्रतिमाओं का हुआ प्रथम अभिषेक और शांतिधारा
गींगला.
जिले के गींगला में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन पर गुरुवार रात्रि को कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवि सम्मेलन के प्रारंभ में कवयित्री दीपिका माही उदयपुर ने मां शारदे की वंदना से कवि सम्मेलन की शुरुआत की। प्रमुख कवि मंच संचालक सिद्धार्थ देवल ने वीर रस से ओतप्रोत जैन वतन की रक्षा हेतु अभिनंदन बन जाता है, तो पाकिस्तानी जनरल भी हाथों से चाय पिलाता है, महाराणा प्रताप और भामाशाह रचना की प्रस्तुति से जोश भर दिया । अप्रीतम सुंदरता के उदाहरण मिलते हैं यारों इतिहास कहानी किस्से में ,जौहर कर गई पद्मनी लेकिन शक्ल नहीं दिखाई शीशे में रचना पर बद्री बसंत ने खूब दाद पायी। हिम्मत सिह उज्जवल ने अखिल विश्व में छा गया जब हिंसा का तंत्र ,जैन धर्म ने दे दिया णमोकार का मंत्र रचना प्रस्तुत कर धर्ममय बना दिया। हास्य कवि कानु पंडित ने जिंदगी में लाख ऊंची हो भले उड़ान भरी परिवार के प्रति तू खर्च मत भूलना खुद की जवानी तेरी जिंदगी को दे दी प्यारे ऐसे बूढ़े पिता जी का कर्ज मत भूलना प्रस्तुति से पिता का मान बढ़ाया मनोज गुर्जर ने बेटियों पर रचना पेश कर कन्या भ्रूण हत्या नही करने की सिख देते हुए गुलशन में खिले फूल सी होती है बेटियां जीवन में बीज प्यार के मोती है बेटियां मत मारो इन्हें कोख में बेटों की चाह में होता है दर्द बाप को रोती है बेटियां रचना पेश की। कवयित्री दीपिका माही ने श्रृंगार रस की रचना के मुक्तक पढ़े । लोकेश महाकाली ने जय जिन स्वामी शत शत वंदन जय माता त्रिशला के नंदन तुम बने प्रवर्तक सत्य अहिंसा के होकर अविचल निर्भय, जय घोष हो रहा दिग दिगन्त प्रभु महावीर स्वामी की जय से जैन धर्म का शंखनाद किया। कवि सम्मेलन में कवियों की हास्य रचनाओं ने श्रोताओं को देर रात तक काव्य से जुड़े रखा वही श्रंगार और वीर रस की कविताओं ने रचनाओं को ऊंची उड़ान दी इसअवसर पर रोशन खेलावत अनिल स्वर्णकार मुकेश गोटी चेतन खरकिया अशोक कोठारी माधुलाल शोभावत धनराज खरकिया लक्ष्मी लाल बंबोरिया सहित गींगला सहित भीण्डर, उथरदा, खरका ,गुडेल, सलूंबर, दांतीसर आदि स्थानों के श्रावकगण मौजूद थे कवि सम्मेलन के पूर्व सभी कवियों ने आचार्य सुनील सागर जी महाराज के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। कवि सम्मेलन के दौरान वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान की प्रतिमाओं को नवीन वेदी पर विराजमान करने वाले परिवारों का सकल दिगंबर जैन समाज गींगला की ओर से तिलक माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया । प्रवक्ता अनिल स्वर्णकार ने बताया कि शनिवार को मुनि सत्यांग सागर महाराज की चरण छतरी की प्रतिष्ठा का आयोजन होगा।
प्रथम अभिषेक और शांतिधारा –
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर गींगला में नवनिर्मित वेदी पर भगवान आदिनाथ, चंद्रप्रभु और शांतिनाथ भगवान की प्रतिमाएं विराजमान करने के बाद शुक्रवार को भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर प्रथम अभिषेक छोगालाल लालचन्द, रमेश कुमार , नरेश कुमार , दिनेशकुमार केलावत ने चन्द्रप्रभ भगवान का पहला अभिषेक नेमीचन्द कुमार मनीष डूंगावत परिवार ने शान्तिनाथ भगवान का पहला अभिषेक गणेशलाल सोवनी बाई भंवर लाल राजमल खरकीया परिवार ने प्राप्त किया। आदिनाथ भगवान पर पहली शान्तिधारा शान्तिलाल कस्तुरचन्द , नवीन कुमार, योगेश कुमार बडोदीया ने ,चन्दप्रभ भगवान पर प्रथम शान्तिधारा हीरालाल , रमेश कुमार ,प्रकाश खरकीया ने और शान्तिनाथ भगवान पर शान्तिधारा छोगालाल लालचन्द केलावत ,रमेश कुमार , नरेश कुमार, नरेन्द्र कुमार केलावत परिवार ने की।
