प.पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी स संघ के पावन सानिध्य में बीलवा के विमल परिसर में होगें अनेक धार्मिक आयोजन
अगर प्रत्येक प्राणी अपना कल्याण करना चाहता है तो उसे धर्ममय जीवन जीना चाहिए चाहे आपके सिर पर कितनी भी परेशानियां मंडराये लेकिन अपने होंसले को मजबूत रखेंआर्यिका विज्ञा श्री
जयपुर/
भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी स संघ के पावन सानिध्य में बीलवा के विमल परिसर में चल रहे श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 28वे़ दीक्षा महोत्सव के उपलक्ष में चल रहे श्री शांतिनाथ महामंडल विधान में अनेक मांगलिक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे, जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि कार्यक्रम में आज पधारे हुए श्रद्धालुओं को गुरु मां ने धर्म उपदेश देते हुए कहा कि जीवन एक पाठशाला है और जीना ही शिक्षा है, जिस दिन कुछ नया, और अच्छा नहीं सीखा, उस दिन हम पाठशाला गए ही नहीं और वह दिन जिए ही नहीं। अगर प्रत्येक प्राणी अपना कल्याण करना चाहता है तो उसे धर्ममय जीवन जीना ही चाहिए । चाहे कितनी भी परेशानियां आपके सिर पर मंडरायें , लेकिन आप अपने हौसले को मत बताओ कि तुम्हारी परेशानी कितनी बड़ी है बल्कि अपनी परेशानी को यह बताओ कि तुम्हारा हौसला कितना बड़ा है। जीवन को जीने की यह सीख गुरु माँ ने बताकर हम जीवों पर बड़ा उपकार किया है।
आगामी 26 फरवरी को चल रहे श्री शांतिनाथ महामंडल विधान में 31 परिवारों द्वारा पूज्य गुरु मां के 28 वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में महार्चना करवाई जाएगी ।
27 फरवरी को श्री शांतिनाथ भगवान का 1008 कलशों द्वारा महामस्तकाभिषेक एवं मुनिसुव्रतनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में निर्वाण लड्डू चढ़ाया जायेगा। कार्यक्रम दोपहर 1:00 बजे से प्रारंभ होगा।
आप सभी श्रावक जन उपस्थित होकर धर्मलाभ लें। कार्यक्रम बाद आर्यिका श्री ने सभी भक्तजनों को मंगलमय आशीर्वाद दिया।
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
