विश्व की श्रेष्ठ ऋद्धियों से विभूषित हैं “गणधर देव पट्ट गणिनी आर्यिका विज्ञमति माताजी

धर्म

विश्व की श्रेष्ठ ऋद्धियों से विभूषित हैं “गणधर देव पट्ट गणिनी आर्यिका विज्ञमति माताजी
एटा
सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री गणिनी आर्यिका श्री विशुद्धमती माताजी के आर्शीवाद से ग्रीन गार्डन में आयोजित गणधर वलय स्रोत सेमिनार में रविवार को दीप प्रज्वलन भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप जैन, योगेंद्र जैन एडवोकेट, योगेश जैन पंचायत अध्यक्ष एवं गुरु माँ का पाद प्रक्षालन श्री दिगंबर जैन वीर मंडल के पदाधिकारियों द्वारा किया गया,

 

सेमिनार संयोजिका पट्ट गणिनी आर्यिका,105 श्री विज्ञमति माताजी ने बताया कि आज सेमिनार का ग्यारहवां दिन है हम सभी तीर्थंकरों के सचिव गणधर स्वामियों की यहां पर आराधना और उनका गुणानुवाद कर रहे हैं, ये यतिराज असाधारण हैं जितने यह बाहर से दिखते हैं उनसे हजार गुण इनके भीतर हैं, आध्यात्म गणधर योगी हमें समझाते हैं कि जो भरे हैं वह छलकते नहीं है जो खाली हैं वही छलकते हैं ,यह स्रोत मुनिराजों की गुणवत्ता बतायेगा जो मनुष्यों ,देवों, विद्याधरों से पूजित हैं विश्व की जयेष्ठ श्रेष्ठ ऋद्धियों से विभूषित हैं संसार रूपी समुद्र से पार करने हेतु पूज्य गणधर देव नौका के समान है! पुदगल वर्गणायें चेतन को भी उठाकर फेंक सकती हैं जो आत्म जिज्ञासु हैं एक लक्ष्य लेकर वह प्रतिदिन इस सभा में आकर पुण्य लाभ लेते हैं वो सभी जीव भव्य हैं!

 

उन्होंने बताया एक साथ दो मौसम कभी नहीं होते हैं, एक साथ वात्सल्य और द्वेष नहीं होता है ,जहां पर भोगों की शैय्या हो वहां पर योगी की सजा नहीं हो सकती है! जब तक मैं और मेरे का भेद रहेगा तब तक हमें सुखी होने का आभास नहीं होगा! लोग प्रशंसा करते हैं तो हम खुश हो जाते हैं निंदा करते हैं तो हम दुखी हो जाते हैं

 

 

जिनशासन को समझने का पुरुषार्थ ज्ञानी करते हैं, आप जिनशासन की प्रभावना न कर सकें तो कोई बात नहीं अप्रभावना भी ना करें, जैनत्व और महावीर की वाणी मेरे पास होना चाहिए, प्रदर्शन में नहीं आत्म दर्शन में विश्वास रखो ,जो तपता है वह निखरता है जो जलता है वह राख हो जाता है !

 

 

 

इस अवसर पर ग्वालियर से पधारे अंर्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वास्तुविद प्रतिष्ठाचार्य श्री अजीतजैन शास्त्री ने गुरु मां के प्रति अपने भाव व्यक्त किये उन्होंने कहा कि सम्यक शिरोमणि भारत गौरव गणिनी आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी ने अपनी जन्म भूमि ग्वालियर का ऋण चुकाया है और अब प्रज्ञा पद्मिनी पट्ट गणिनी आर्यिका 105विज्ञमति माताजी भी अपनी जन्मभूमि एटा में ऋण चुकाने आई हैं ,यह हाथ आपकी आस्था श्रद्धा का वंदन करने के लिए उठते हैं गुरु कृपा चार प्रकार की होती है स्मरण, दृष्टि, शब्द ,और स्पर्श!

 

छोटी सी काव्या जैन ने संस्कृत के तीन काव्य कंठस्थ करके सुनाये,प्रश्नमंच के पुरस्कार सन्मति सेवा समिति द्वारा प्रदान किये गये!महिला जैन मिलन की पदाधिकारियों को विशेष सहयोग हेतु विशुद्ध भक्त परिवार द्वारा सम्मानित किया गया! शाकाहार परिषद एवं महावीर मंडल को उनकी बढ़िया सेवाओं हेतु गुरु माँ ने आर्शीवाद प्रदान किया

यह रहे मौजूद
इस‌ अवसर पर एटा पालिकाध्यक्षा सुधा गुप्ता,श्रीमान पंकज गुप्ता,डा०निर्मल जैन, जलेसर से अशोक जैन शांति लाल जैन टोंग्या,संजीव जैन, पंकज जैन, सचिन जैन ,सुनील जैन ,दीपू जैन ,नरेश जैन,पुनीत जैन रिंकू जैन एवं श्रीमती रजनी जैन ,मीना जैन, मंजू जैन, प्रज्ञा जैन ,साधना जैन ,शशि जैन,सुमन जैन,पूनम जैन ,उर्मिला जैन, उषा जैन वर्षा जैन, अर्चना जैन,प्रीति जैन,कोपल जैन, सोनल जैन,ज्योति जैन, चिराग जैन, प्रिया जैन आदि उपस्थित थे!

 

मीडिया प्रभारी सुनील जैन बांदा ने बताया कि 8 अगस्त गुरुवार को सेमिनार में बैठे शिविरार्थियों की परीक्षा होगी इसके लिए दो सेंटर बनाये गए हैं एवं 9अगस्त को गणधर वलय विधान का वृहद आयोजन एटा के इतिहास में प्रथम बार होने जा रहा है जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रावक विधान और महायज्ञ में उपस्थित रहकर पुण्यार्जन करेंगे!

बबीता जैन एटा से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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