दो दिवसीय निर्वाण महोत्सव

धर्म

दो दिवसीय निर्वाण महोत्सव
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भगवान सुपाश्व॔नाथ के मोक्ष कल्याणक पर झूम उठे श्रद्धालु।
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जयकारो के साथ चढ़ाया निर्वाण लडडू
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निवाई 23 फरवरी जैन समाज के तत्वावधान में गणिनी आर्यिका संगम मति माताजी के सानिध्य में बिचला तेरापंथी जी मंदिर में भगवान सुपाश्व॔नाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव बुधवार को अनेक धार्मिक काय॔कृमो के साथ धूमधाम से मनाया गया।
जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौला व राकेश संघी ने बताया कि मोक्ष कल्याणक महोत्सव को लेकर सर्व प्रथम नेहा राहुल गौधा रेनवाल द्वारा भगवान सुपाश्व॔नाथ की वृहद शांतिधारा की गई। महोत्सव मे गाजेबाजे के साथ समाजसेवी श्रेष्टी सूरजमल विमल कुमार पदमचंद चन्द्र प्रकाश जैन संजू जैन पाटनी जौंला को भगवान सुपार्श्वनाथ का निर्वाण लड्डू चडा़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान मुनिसुव्रत नाथ की शांतिधारा मूलचंद त्रिलोक कुमार पांडया हरबगतपूरा ने की। चिन्तामणी पारसनाथ भगवान की शांतिधारा सुरेश चन्द जैन इटावा द्वारा की गई। इसके बाद बिचला मंदिर कमेटी के सूरजमल पाटनी रमेश संघी व दिनेश संघी ने भगवान सुपाश्व॔नाथ के समक्ष दीप-प्रज्वलित कर विधान पूजा शुरू करवाई। बाद में सभी इन्द्र -इन्द्राणी द्वारा भगवान का चारों दिशाओं से क्षीर सागर के जल से अभिषेक किया गया। प्रतिष्ठाचाय॔ पंडित सुरेश चन्द शास्त्री द्वारा नित्य नियम पूजा शुरू हुई जिसमें नव-देवता पूजा,णमोंकार पूजा,चोबीस तीथ॔कर पूजा के साथ भगवान सुपाश्व॔नाथ की विशेष पूजा अर्चना हुई। पूजा के बीच संगीतकार सौभागमल सौगानी अजीत काला विमल जौला द्वारा भगवान का जन्म पालना झुलाना सहित अनेक दृश्य दिखाये गये जिसे देखकर सभी श्रद्धालु भाव विभोर होकर भक्ति नृत्य करने लगे। इसके बाद समाजसेवी सुरजमल विमल कुमार पदम कुमार चन्द प्रकाश जौला द्वारा निर्वाण काण्ड बोलकर भगवान सुपाश्व॔नाथ का निर्वाण लडू चढ़ाया गया। निर्वाण लडू के समय मंदिर परिसर भगवान सुपाश्व॔नाथ की जयकारो से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान सुर्पाश्व॔नाथ भगवान की जयमाला मे घुंधरू छम छमा छम बाजे रे सुपाश्व॔नाथ प्रभु की पूजा में सब झूमे नाचे रे, पर जिनवाणी एवं विशुद्ध वर्धनी महिला मंडल की रेशू जैन, संगीता लुहाडिया,शशी सौगानी पिंकी कठमाणा नीतू सावलिया रितु चंवरिया, संजू जौला सपना संघी अजीत काला राकेश संघी त्रिलोक हरभगतपूरा राजेश सावलिया सहित उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्ति नृत्य करने लगे। इसके बाद सुपाश्व॔नाथ नाथ महामण्डल विधान’की पूजा अर्चना हुई जिसमें मण्डप पर पांच मंगल कलश स्थापना कर सकलीकरण आचार्य निमंत्रण किया गया। तत्पश्चात मण्डप पर सोधर्म इन्द्र द्वारा मण्डल पर 130 श्री फल अध्य॔ चढ़ाया गया। इस अवसर पर संजय सोगानी नरेश बडा़गाँव अमित कटारिया
शिखर चन्द काला महावीर प्रसाद जैन महेन्द्र जैन मुकेश संघी राजेश सावलिया नरेन्द्र संघी पदम जैन त्रिलोक रजवास अजीत काला सहित अनेक लोग मौजूद थे।
*विशेष प्रवचन माला का हुआ आयोजन*
गणिनी आर्यिका संगम मति माताजी ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस पावन बेला में भगवान सुपार्श्व प्रभु ने आज के दिन सम्मेदाचल से ब्रह्ममुहूर्त में परमात्म पद को प्राप्त किया था और सिद्धालय मे विराजमान हुये थे इसलिए आज के दिन को निर्वाण दिवस के रुप में धूमधाम से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि निर्माण और निर्वाण मे बहुत अन्तर है,निर्माण का अर्थ है रचना बनाना, निर्मित करना और निर्वाण का अर्थ है छूटना, मुक्तिगमन एवं समस्त कर्मो से मुक्त हो जाना निर्वाण प्राप्ति का तात्पर्य है।

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