*प.पूज्य भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञा श्री माताजी स संघ का आज कल्याण नगर जयपुर से हुआ भव्य मंगल विहार*
*इस भागदौड़ की भरी जिंदगी में व्यक्ति को अपने निजी जीवन के बारे में सोचना चाहिए, मां-बाप, पति – पत्नी ,भाई बहन ,एवं बच्चों का ध्यान रखते हुए खुद का भी ध्यान कर लेना चाहिए*
*आर्यिका विज्ञा श्री*
जयपुर/
प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी का कल्याण नगर जयपुर से 3 बजे भव्य मंगल विहार हुआ और विमल परिसर बीलवा में मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने आर्यिका संघ का बेन्ड बाजों के द्वारा सांयकाल 6बजे भव्य मंगल प्रवेश कराया,तथा पाद प्रक्षालन कर आरती करके संत भवन में ठहराया गया, उक्त विहार में मंदिर समिति के अनिल लुहाड़िया

,डा.राजकुमार सेठी, विनोद लुहाड़िया, विकास काला जापान,दर्श काला, तथा विजय गंगवाल सहित काफी श्रावक श्राविकाएं साथ साथ थे,जैन समाज के मिडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आर्यिका श्री ने भरी धर्मसभा में श्रावकों को धर्मोपदेश देते हुए कहा कि – इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति को अपने निजी जीवन के बारे में भी सोचना चाहिए, मां-बाप, पति-पत्नी, भाई-बहन एवं बच्चों का ध्यान रखते हुए खुद का भी ध्यान कर लेना चाहिए । कभी खुद के नंबर से खुद को फोन मिला कर देखें, अपने नंबर पर व्यस्त टोन सुनाई देगी । दुनिया से मिलने में सब मस्त है और खुद से मिलने की सारी लाइनें व्यस्त है, बस यही रह गया है आज के व्यक्ति का जीवन । आज का व्यक्ति खुद से भी ज्यादा मोबाइल का ध्यान रखता है ,इस मिथ्या सोच को हटाकर सम्यक सोच की ओर प्रस्थान करो। इंसान अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। इसलिए अपने आप को समझने का पुरुषार्थ करके अपनी आत्मा को कल्याण के मार्ग पर अग्रसर करें ।धर्मोंपदेश के उपरांत पूज्य गुरु मां के पाद – प्रक्षालन कर भक्तों ने आनंद उत्सव मनाया गोधा ने बताया कि 26-27 फरवरी को आर्यिका श्री के 28 वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में 31परिवारों द्वारा श्री शांतिनाथ महामंडल विधान एवं 1008 श्री शांतिनाथ जी व श्री मुनिसुव्रतनाथ जी का महामस्तकाभिषेक और निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा। आप सभी श्रावक उपस्थित होकर धर्मलाभ लें।
कार्यक्रम बाद आर्यिका श्री ने सभी भक्तजनों को मंगलमय आशीर्वाद दिया।
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
