जो व्यक्ति मांस मदिरा का सेवन करता है उसकी बुद्धि नष्ट हो जाती है प्रबुद्ध सागर महाराज

धर्म

जो व्यक्ति मांस मदिरा का सेवन करता है उसकी बुद्धि नष्ट हो जाती है प्रबुद्ध सागर महाराज
बनवार
दिगंबर जैन मंदिर में मुनि श्री 108 प्रबुद्ध सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि रोटी ,कपड़ा और मकान में हमेशा शुद्धता रखनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि तीनों में किसी भी जीव की हिंसा ना हो।

 

 

महाराज श्री ने कहा कि श्रोता सोए न तो सभा अपने आप में गरिमामय हो जाती है और अगर श्रोता सोने लगता है तो सभा वहीं समाप्त हो जाती है। इसलिए सभा में श्रोता को हमेशा जागृत रहना चाहिए। महाराज श्री ने आगे कहा कि मुनि तप के प्रभाव से ही स्वयं को निर्मल बनाते हैं। दुनिया की कोई संपत्ति ना होकर भी मुनि के पास आत्म संपत्ति का खजाना होता है। वे स्वयं में एक चमत्कार हैं। दुनिया सोचती है कि रोटी, कपड़ा,मकान पाकर ही खुश रहा जा सकता है, लेकिन इसी दुनिया में जैन मुनि ऐसे संत हैं जो कुछ भी अपने पास नहीं रखते और जिस दिन आहार प्राप्त नहीं होता उस दिन और प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। इसलिए सभी को अपनी आत्मा से मोह राग द्वेष रूपी शत्रुओं को दूर करके हमें समस्त विकारी भावों को त्याग कर देना चाहिए।

महाराज श्री ने प्रवचन में कहा कि जो व्यक्ति मांस और मदिरा का सेवन करता है उसकी बुद्धि नष्ट हो जाती है। इसीलिए किसी को भी मास मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

 

 

 

अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है। अहिंसा केवल इंसानों के प्रति नहीं बल्कि समस्त जीव मात्र के प्रति होनी चाहिए। इंसानी जीवन बहुमूल्य है। लेकिन इस जीवन की सार्थकता तभी है जब हम सभी जीवों के जीवन का सम्मान करें।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *