अनेक जिनालयों एवम भव्य साधुओं की जन्म नगरी बांसवाड़ा में पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर का 29 साधुओं सहित 18 अप्रैल को होगा भव्य मंगल प्रवेश

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अनेक जिनालयों एवम भव्य साधुओं की जन्म नगरी बांसवाड़ा में पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर का 29 साधुओं सहित 18 अप्रैल को होगा भव्य मंगल प्रवेश
बांसवाड़ा।   
प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांति सागर जी की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 29 साधुओं सहित संघस्थ शिष्या आर्यिका श्री दिव्यांशुमति माताजी सहित अनेक साधुओं और जिनालयो की नगरी बांसवाड़ा में 20 वर्षो के बाद भव्य मंगल प्रवेश होगा।   
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के साथ मुनि श्री चिन्मयसागर जी श्री मुनि श्री हितेंद्रसागर जी मुनि श्री प्रशम सागर जी मुनि श्री प्रभवसागर जी मुनि श्री चिंतनसागर जी मुनि श्री दर्शितसागर जी , मुनि श्री प्रबुद्धसागर जी मुनि श्री मुमुक्षुसागर जी आर्यिका श्री शुभमति जी आ श्री शीतलमती जी आ श्री चैत्यमती जी आ श्री वत्सलमति जी आ श्री विलोकमति जी आ श्री दिव्यांशु मति जी आ श्री पूर्णिमामति जी आ श्री मुदितमति जी आ श्री विचक्षणमति जी आ श्री समर्पितमति जी आ श्री निर्मुक्तमति जी आ श्री विनम्रमति जी आ श्री दर्शनामति जी आ श्री देशनामति जी आ श्री महायशमति जी आ श्री देवर्धिमति जी आ श्री प्रणतमति जीआ श्री निर्मोहमति जी आ श्री पद्मयश मति जी आ श्री दिव्ययशमतिजी,क्षुल्लक श्री विशाल सागर जी आचार्य श्री 8 मुनिराज,20 माताजी तथा 1 क्षुल्लक जी कुल 30 साधु है।
अनेक साधुओं की जन्म नगरी।
नगर में श्रीमती रूपारी देवी श्री माणक चंद शाह की पुत्री शकुंतला शाह का जन्म 5 मई 1947 को हुआ आपका विवाह श्री जीतमल शाह से हुआ ।आपने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से 18 नवंबर 2010 को कोलकाता में आर्यिका दीक्षा लेकर आर्यिका श्री दिव्यांशु मति नामकरण हुआ।
गृहस्थ अवस्था के पिता माता ने भी आचार्य श्री विमल सागर जी से दीक्षा लेकर मुनि श्री आनंद सागर जी एवम आर्यिका श्री सुपार्श्व मति बने ।बांसवाड़ा से आर्यिका श्री कैलाश मति,आ श्री सम्मेदशिखरमति,आ श्री समवशरण मति,आ श्री सिद्धांत मति सहित अनेक भव्य आत्माओं ने दीक्षा लेकर आत्म कल्याण किया। समाज अध्यक्ष ,महामंत्री ,मुनि सेवा समिति अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का भव्य प्रवेश 18 अप्रैल को बाहुबली कालोनी में होगा। इसके पूर्व आचार्य श्री वर्ष 2004 में श्रवण बेलगोला बांसवाड़ा होकर प्रस्थान किया।समाज द्वारा रांगोली स्वागत द्वार बैंड द्वारा आगवानी की जावेगी। राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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