मुनि श्री पुण्य सागर जी का 21 वर्षों बाद नगर गौरव मुनिराज एवं आ माताजी सहित 18साघुऔ के साथ होगा भव्य मंगल प्रवेश सिद्ध चक्र मंडल विधान होगा प्रारंभ।

धर्म

मुनि श्री पुण्य सागर जी का 21 वर्षों बाद नगर गौरव मुनिराज एवं आ माताजी सहित 18साघुऔ के साथ होगा भव्य मंगल प्रवेश सिद्ध चक्र मंडल विधान होगा प्रारंभ।
घरियाबाद नगर जहां अनेक जिनालय है यह‌ अनेक साधुओं की जन्म भूमि ,कर्म भूमि, दीक्षाभूमि ,समाधि भूमि , पंचकल्याणक भूमि में मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज अपने 18 साधुओं सहित 21 वर्षों के बाद भव्य मंगल प्रवेश कर रहे हैं। दिनांक 15 जुलाई से ही आठ दिवसीय सिद्ध चक्र मंडल विधान भी प्रारंभ होगा। मुनि श्री पुण्य सागर जी दिनांक 13/7/2024 को खूता तथा दिनांक 14/7/2024 को मऊ प्रवेश और आहार चर्चा होगी।
विशाल मुनि संघ के आगमन को लेकर जैन समाज ही नहीं वरन सम्पूर्ण नगर उत्साहित हैं।नगर को दुल्हन की भांति सजाया गया है घर-घर पर रोशनी और फ्लेक्स कट आउट लगाए गए हैं घरों के सामने रंगोली बनाई जा रही है। नगर के पुरुष महिलाये निर्धारित वेषभूषा में अगवानी करेगी।
मुनि श्री पुण्यसागर जी,के साथ महोत्सवसागर जी, मुदितसागर जी,उदितसागर जी , उत्सवसागर जी , उपहारसागर जी , पूर्णसागर जी ,आर्यिका सौरभमति जी,प्रमोदमति जी, हर्षितमतिजी, पर्वमति जी , उत्साहमति जी,निर्णयमति जी, निश्चयमति जी नियममति ,उपासना मति जी ,आ उपसममति जी,आ स्वर्णमति जी ,क्षु सुवर्णमति जी का पदार्पण होगा

अनेक शिखर बंद जिनालयों की नगरी
धरियावद नगर में 1008 श्री चंद्र प्रभु बड़ा मंदिर ,श्री पदम प्रभु दिगंबर मंदिर, श्री आदिनाथ मंदिर श्री महावीर मंदिर ,श्री चंद्रप्रभु मंदिर नंदनवन ,श्री आदिनाथ मंदिर नसिया जी सहित तीन चैत्यालय नगर में है
समाधि भूमि
नगर को यह गौरव प्राप्त है कि प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती श्री शान्तिसागर जी के परम प्रभावक शिष्य अनेक ग्रन्थ के लेखक आचार्य श्री कुंथुसागर जी की 1/7/1945 को समाघि हुई।आपके सहित अनेक साधुओं की समाधि यहां हुई है। और पंचम पट्टाघीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में वर्ष 2001 में आ श्री विपुल मति,आ श्री सुपारसमती तथा वर्ष 2002 में आ श्री विशुद्धमति जी की समाधि धरियावद में हुई है।

अद्भुत संयोग
वर्ष 2001 में आर्यिका श्री सुपार्श्वमति जी का घरियाबाद नंदनवन में आर्यिका श्री विशुद्ध मति माताजी के समाधि हेतु आगमन हुआ तब आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कहा कि आज आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की परंपरा के सभी आचार्यों के शिष्य धरियावद में मौजूद है ।आचार्य श्री वीर सागर जी की शिष्या आर्यिका श्री सुपार्श्वमति माताजी, आ श्री शिव सागर जी के शिष्या आर्यिका श्री विशुद्ध मति माताजी, आचार्य श्री धर्म सागर जी के शिष्य आचार्य श्री वर्धमान सागर जी आर्यिका श्री शुभमति माताजी आचार्य श्री अजीत सागर जी की शिष्य मुनि पुण्य सागर जी आर्यिका श्री चैत्य मती जी एवं आचार्य वर्धमान सागर जी के दीक्षित अनेक शिष्य मौजूद है ।इस प्रकार आर्यिका श्री विशुद्धमति जी की समाधि के लिए पांच पीढ़ी के आचार्य शिष्य उपस्थित है।
साधु दीक्षा, भूमि
पंचम पट्टाघीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने वर्ष 2001 में श्री मूर्ति मतीजी को धरियावद में क्षुल्लिका दीक्षा दी। थी।आर्यिका श्री प्रशांत मति माताजी ने चार दीक्षा दी। अनेक साधुओं ने नगर में दीक्षा दी है
अनेक साधु की जन्म कर्म भूमि

चतुर्थ पट्टाघीश आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज से नगर के श्री कांतिलाल जी ने मुनि दीक्षा लेकर मुनि श्री समाधि सागर जी बने आपकी दीक्षा सन 1987 में केसरिया जी ऋषभदेव में हुई।
वात्सल्य वारिघी पंचम पट्टाघीशआचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज द्वारा नगर में अनेक दीक्षित शिष्य है नगर के श्री महावीर जी भोपावत ने 20 फरवरी 2015 को मुनि दीक्षा लेकर मुनि श्रेयस सागर जी बने।आपकी समाधि 19/12/2022 को बौली नगर में हुई। श्रीमती पुष्पा भोपावत ने आचार्य वर्धमान सागर जी से14/10/2016 को दीक्षा लेकर आर्यिका श्री श्रेयमति बनी ।आपकी समाधि 20/7/2020को बैलगाव में हुई।श्री इंद्रमल जी ने 13/8/2021मुनि दीक्षा लेकर मुनी श्री पदम कीर्ति जी महाराज बने आपकी समाधि 17/6/2022को बिसतुनिया में हुई। नगर के श्री आदेश्वर जी ने 13 फरवरी 2023 को मुनि श्री मुमुक्षु सागर जी बने। इसी प्रकार मुनि श्री पुण्य सागर जी से नगर की श्रीमती भूरी बाई ने 2016 में दीक्षा ली और आ श्री उत्साह मति बनी इसी प्रकार वर्ष 2017 में श्री रंगलाल जी ने मुनि दीक्षा लेकर मुनि श्री उदित सागर जी बने । इसके पूर्व भी नगर से अनेक दीक्षाये हुई। नगर के सरिया परिवार से मुनि श्री सुधर्म सागर जी ने आचार्य श्री महावीर कीर्ति जी से दीक्षा ली। इसी प्रकार दोषी परिवार से मुनि श्री उदय सागर जी ने भी दीक्षा ली।

वर्षों की आस पूरी होगी

नगर धरियावद से इसके पूर्व जितने भी साधु हुए वह दीक्षा लेने के बाद घरियाबाद नहीं आ सके मुनि श्री समाधि सागर जी1987 के बाद ,मुनि श्रेयस सागर जी ,मुनि श्री पदम कीर्ति जी आ श्री श्रेयमति माताजी आर्यिका श्री योगीमति इनका दीक्षा के बाद आगमन नहीं हो सका।नगर घरियाबाद की बेटी बहन 65 वर्षीय ब्रह्मचारिणी मंजू दीदी गनोडिया ने भी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज से20/10/2023 को आर्यिका दीक्षा ग्रहण की उनका नाम आर्यिका श्री योगी मति किया गया ।आपकी समाधि सलूंबर में दिनांक 19/2/2024 को हुई।

सुखद संयोग
नगर के मुनि श्रेयस सागर जी और आर्यिका श्री श्रेयमती जी दोनों पति-पत्नी ने वैराग्य मार्ग को धारण किया इसी प्रकार मुनि श्री समाधि सागर जी महाराज और आर्यिका श्री उपहारमति माताजी भी पति-पत्नी है जिन्होंने वैराग्य मार्ग को धारण किया।
अब नगर के श्री उदित सागर जी और आ श्री उत्सवमति जी का नगर प्रवेश हो रहा है।विश्व का सबसे छोटा 37शिखरो वाला जिन मंदिर नंदनवन धरियावद में प्रतिष्ठाचार्य पंडित श्री हंसमुख जी शास्त्री द्वारा निर्मित नंदनवन में विश्व का सबसे छोटा 37 शिखरो वाला श्री चंद्र प्रभु जिनालय स्थित हैराजेश पंचोलिया इदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *