संत शिरोमणि शोभायात्रा निकली…सुबह से ही आचार्य मय हो गया सागरआचार्य श्री के हजारों चित्र लेकर चल रहे थे शोभा यात्रा में….
सागर /
संत शिरोमणी आचार्य गुरुदेव श्रीविद्या महाराज की समाधि के उपरांत पहला और गुरुदेव का 57 वां मुनि दीक्षा दिवस भव्य और दिव्य तरीके से सागर शहर में मुनि निर्यापक श्री सुधासागर महाराज के ससंघ सानिध्य में मनाया गया। शोभा यात्रा में 57 पालकी पर श्रीजी की 57 प्रतिमाएं विराजमान थी पालकी को ले जा रहे सभी श्रद्धालु सफेद धोती और गमछा ओड़कर पालकी थामे थे उसके बाद रथों में श्री जी को विराजमान किया गया था कई दिव्य घोष, बैंड पार्टी,भाग्योदय की एंबुलेंस, दयोदय गऊशाला की पशुओं की एंबुलेंस, कई झांकियां, अनेकों महिला मण्डल साथ चल रहे थे।
उसके बाद निर्यापक श्रमण श्री सुधासागर महाराज, आर्यिका उपशांतमति माताजी ससंघ,क्षुल्लक श्री गंभीर सागर महाराज आदि संघ साथ चल रहा था।बाहुबली कालोनी से निकली शोभा यात्रा में हजारों की संख्या लोग उपस्थित थे।

जगह जगह रंगोली डाली गई लोगों ने मुनि श्री का पाद प्रक्षालन अपने घरों और प्रतिष्ठानों के सामने किया। सुबह 7 बजे शुरू हुई। यह शोभायात्रा अपराह्न 11 बजे मंगलगिरी पहुंची।

मंगल गिरी पहुंचकर श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा हुई। शांति धारा ऋषभ जैन, अनिल जैन, सुनील जैन, दिव्यांश जैन कार्ड पैलेस और दूसरी ओर राकेश जैन पटना ने की।
कार्यक्रम का ध्वजारोहण राजेश जैन पटना ने किया। मुनि श्री का पाद प्रक्षालन हुआ इस अवसर पर मुनि श्री सुधा सागर महाराज ने आचार्य श्री के अनेक संस्मरण सुनाए

और कहा कि आचार्य गुरुदेव के गुरु आचार्य ज्ञान सागर महाराज की जो इच्छा थी कि आचार्य संघ गुरुकुल बने और गुरुदेव ने दृढ़ इच्छाशक्ति और अपने गुरुदेव के आशीर्वाद के चलते संघ को गुरुकुल बनाने में कोई कसर नहीं छोडी।
गुरुदेव के आशीर्वाद से 350 से ज्यादा मुनि महाराज, आर्यिकाये, ऐलक, क्षुल्लक महाराज और एक हजार से ऊपर ब्रह्मचारी भैया बहनें मोक्ष मार्ग पर चल रहे हैं।
सुधासागर महाराज ने कहा कि मंगलगिरी आचार्य श्रीजी का पहला सोपान था गुरुदेव का बड़ा मन था लेकिन परिस्थितिजन्य वह कार्य नहीं हो पाया मंगल गिरी क्षेत्र कितना शानदार है आज नहीं तो कल पूरा सागर इस मंगलगिरी क्षेत्र पर गर्व करेगा।

यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय तीर्थक्षेत्र बन जाएगा। बस पुराने ट्रस्टी अपने आप को अलग करें और कार्य करने वाले को आगे लेकर क्षेत्र का विकास कराये। मेरी एक आवाज़ में सारा सागर 5 किमी दूर जंगल में आ गया। आज सभी लोगों को एक संकल्प लेना चाहिए।
आषाढ़ सुदी पंचमी को आप को व्रत रखना चाहिए और याद रखना चाहिए। आचार्य भगवान ने जैन समाज को क्या नहीं दिया।लोग कहते हैं सागर खारा होता है लेकिन हम कहते हैं सागर का नाम रत्नाकर होता है। पहले भगवान की यात्रा निकलती थी लेकिन आज संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागर महामुनिराज की यात्रा उनकी अनुपस्थिती में निकली है जिसमें 57 भगवान भी शामिल हुए। निमित्त ऐसा बना इस क्षेत्र के पुराने कार्यकर्ता नेमीचंद जैन बस वाले जो अब इस संसार में नहीं है वे कई वर्षों से मंगलगिरि आने के लिए मुझसे निवेदन करते थे कि 57 एकड जगह है। आप आएंगे क्षेत्र का विकास होगा लेकिन ईश्वर ने कुछ और लिखा रखा था। आचार्य श्री के 57 वें दीक्षा दिवस पर यह संयोग बना है और 57 एकड़ जमीन का विकास अब निश्चित होगा नेमीचंद जहां भी होंगे वहां से देखकर खुश हो रहे होगेपूर्व विधायक सुनील जैन, कांग्रेस नेत्री श्रीमती निधि जैन ने दस हजार से अधिक लोगों को अपने परिवार की ओर से भोजन की व्यवस्था कराई। सुनील जैन नेताजी कानपुर ने 57 वाटर कूलर सरकारी दफ्तरों में सागर जिले मे लगवाए हैं। इनमें सागर जिले के सभी पुलिस थानों, प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारियों के कार्यालयों में यह व्यवस्था की है। सुनील जैन कानपुर महाराज के परम भक्त हैं और महाराज जहाँ जाते हैं लोगों को साफ शुद्ध पानी पीने को मिले। ऐसा प्रयास वह करते है। उनका मंच से सम्मान हुआ।
मुनिश्री ने सागर की जनता से आह्वान किया कि अब सभी को हर वर्ष विद्या सागर पंचमी मनानी चाहिए और इस दिन व्रत या उपवास करें। महाराज ने कहा कि जुलूस में एक रथ दो हाथियों के सहारे चल रहा था। लोगों ने कहा श्याम भंडार के सामने यह मुड़ेगा नहीं निकलेगा नहीं लेकिन गुरुदेव ने चमत्कार किया। जनता को दूर किया 30 सेकंड में वह बगैर किसी को छुये हुए अंदर के मार्ग पर चला गया। लोगों को भरोसा नहीं था। कि ऐसा कैसे हो गया। जुलूस का संचालन और अन्य धार्मिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया अशोकनगर ने कराई।
मुनि श्री ने कहा दो दिन के भीतर इतना बड़ा विशाल कार्यक्रम बगैर किसी बाधा के संपन्न हो गया। पूरी संचालन समिति और समाज के लोगों को आशीर्वाद। दिया। पुलिस व्यवस्था, नगर निगम कर्मचारी, सफाई कर्मी और एमपीईवी के कर्मचारियों को जुलूस के साथ लगाया था उससे भी जुलूस में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुई और शान्ति के साथ चार किलोमीटर लंबा जुलूस सम्पन्न हो गया। जुलूस में विधायक शैलेन्द्र जैन, मुकेश जैन ढाना, जय कुमार जैन बस वाले, राजकुमार जैन, ऋषभ जैन, देवेन्द्र जैन, नेवी जैन, मनीष नायक, चक्रेश जैन, आशीष जैन, प्रशांत जैन, सुरेन्द्र जैन, प्रदीप जैन, हर्ष जैन, सहित सभी 60 जैन मंदिरों के अध्यक्ष, मंत्री पदाधिकारी, जैन समाज की सभी संस्थाओं के लोग उपस्थित थे।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
