3 किलोमीटर 3 घंटे में चलें सुधा सागर महाराज…आगवानी में एक झलक पाने उमड़ पड़ा सागर…धर्म की पहचान धर्मात्मा के द्वारा होती है मुनिश्री
सागर
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य, आचार्य श्री समय सागर महाराज की आज्ञा अनुसार सागर पहुंचे निर्यापक मुनिश्री सुधासागर महाराज की ससंघ सागर में भव्य और इतिहास आगवानी हुई। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा सागर आज उनके चरणों में उमड़ पड़ा हो सागर के साथ साथ प्रदेश के अनेक शहरों और कस्बों से लोगों ने सागर पहुंचकर के आगवानी को इतिहासकारी बना दिया।
20 हजार से अधिक लोगों ने आगवानी में हिस्सा लिया। सिविल लाइन से कटरा बाजार तक का 3 किमी पैदल विहार 3 घंटे में पूरा हुआ।मुनिसंघ का सुबह 6 बजे विहार अंकुर कालोनी से सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ और धीरे धीरे जन सैलाब निर्यापक मुनि संघ की आगवानी में बढ़ता गया सिविल लाइन चौराहे पर प्रदीप रांधेलिया के परिवार ने पाद प्रक्षालन किया लाल स्कूल के सामने और गोपालगंज जैन मंदिर के सामने भी मुनिश्री का पाद प्रक्षालन किया गया। मुनिश्री ने गोपालगंज मंदिर पहुंचकर श्रीजी के दर्शन किए। गोपालगंज के बाद सैकड़ों स्थानों पर भक्तो ने पाद प्रक्षालन किया, आरती उतारी और सड़क पर रंगोली डाली गई थी। लोग जैन धर्म का झंडा लेकर के धर्म प्रभावना कर रहे थे। वहीं शहर में बैनर पोस्टरों भी लगाई गई थी।

मुकेश जैन ढाना ने बताया कि सुबह श्री पार्श्वनाथ जिनालय में मुनिश्री के मुखारबिंद से शांतिधारा का वाचन हुआ शांतिधारा करने का सौभाग्य आशीष जैन, आकाश जैन रानू चैनपुरा और मुन्ना,
तरुण कोयला रूपेश जैन, डॉ संदीप जैन, अनुराग जैन परिवार को प्राप्त हुआ पाद प्रक्षालन करने का अवसर देवेन्द्र जैन डब्बू श्रीमती पिंकी जैन शुभोदय बंडा, सरिता अरविंद पथरिया और इंजी अखिलेश, सीमा जैन को और मुनि श्री को शास्त्र भेंट करने का अवसर डाॅ अखिलेश जैन, डाॅ स्वाती जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
आगवानी में हाथी, घोडे, बग्गी, शहर के लगभग दो दर्जन महिला मंडल, पाठशाला के बच्चे शिक्षिकाएं, बंडा और ललितपुर व्यायामशाला आदि कई स्थानों के दिव्य घोष, अखाड़े आदि साथ चल रहे थे। महिलाएं महिला मंडल की ड्रेस कोड में और पुरुष वर्ग सफेद वस्त्रों में चल रहे थे। महाराज जी की आहारचर्या का सौभाग्य सौरभ जैन बूंद परिवार को प्राप्त हुआ।
भव्य आगवानी में सागर नगर के अलावा जिले की बंडा, रहली, देवरी, परसोरिया,कर्रापुर, नरयावली, ईशरवारा, सिहोरा, ढाना के साथ ललितपुर, अशोकनगर, गंज बासौदा, विदिशा, दमोह, गैरतगंज,बीना बेगमगंज, पथरिया, शाहपुर, मडावरा,खरई शाडोरा, थूबोनजी, पिपरई, बिलहरा, बहादुरपुर, आदि स्थानों से श्रद्धालु उपस्थित हुये थे। अशोक नगर जिले से 37 बस और 100 से अधिक चार पहिया वाहनों से 2000 से अधिक लोग सागर पहुंचे। अशोक नगर और थुबोनजी जैन तीर्थ क्षेत्र की ओर से मुनि संघ को वर्षायोग हेतु निवेदन किया गया। पिछले 24 वर्षों से वहां के लोग चातुर्मास का निवेदन कर रहे हैं।
इस बेला में निर्यापक मुनिश्री सुधा सागर महाराज ने कटरा बाजार में अपने प्रवचन में कहा कि बुंदेलखंड में धर्म को जानने वाले विद्वान,पंडित आदि तो बहुत हुए, परंतु धर्मात्मा कोमानने वाले लोग पहले बहुत कम थे। धर्मात्मा की कमी
निकालने वाले लोग बहुत थे। लेकिन
जब आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर महाराज का पदार्पण बुंदेलखंड क्षेत्र में हुआ तो इतना परिवर्तन आया कि बुंदेलखंड से धर्मात्मा,त्यागी, ब्रह्मचारी बड़ी तादाद में हो गए। धर्म की
पहचान धर्मात्मा के द्वारा ही होती है। मुनि श्री ने भरत चक्रवर्ती के द्वारा देखे गए स्वप्न के बारे में बताते हुए कहा कि सागर में जिस तरह से मंगल अगवानी बहुतायत में युवाओं द्वारा की गई है तो भरत चक्रवर्ती का स्वप्न जिसमें युवा
लोग भगवान के रथ को आगे खींचते हुए दिखाई दिया था वह आज यहां पर साकार होता हुआ देखने को मिला है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
