मंदिर जाओ तो पुजारी बनकर भिखारी बनकर नहीं विनम्र सागर महाराज

धर्म

मंदिर जाओ तो पुजारी बनकर भिखारी बनकर नहीं विनम्र सागर महाराज
नौगांव
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि श्री विनम्र सागर महाराज ने अपनी पियूष वाणी से सभी को कृतार्थ किया उन्होंने कहा कि मंदिर जाओ तो पुजारी बनकर जाओ, भिखारी बनकर नहीं। इस पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा पैसा तो उनके पास भी होता है जो कभी मंदिर नहीं जाते, वह शराबी जुआरी होते हैं। पुजारी बनकर मंदिर जाने से शक्ति वह शांति मिलती है। भगवान पर सच्ची श्रद्धा होना चाहिए सरलता का अभाव व नम्रता भी आना चाहिए।

 

 

 

 

मुनि श्री ने स्वास्थ्य के विषय में भी अपना उद्बोधन दिया और उन्होंने कहा कि यदि आपका आहार, आचार और विचार सही दिशा में है तो तन और मन से स्वस्थ रहेंगे। फिर आपको कहीं पर भी भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 15 सितंबर से 15 नवंबर तक का समय शरद ऋतु का आता है और यह समय पूरे साल का सबसे खतरनाक समय माना जाता है। बारिश के मौसम में आप लोग को बेसन के पदार्थों का सेवन करते हैं। उस समय अंदर और बाहर से तैलीय पदार्थों की आवश्यकता भी रहती है। लेकिन कुमार मार्च की शुरुआत मैं जब प्रकाशित होता है तो तैलीय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इस पर उन्होंने कहा कि यदि उस समय इन सामग्री का सेवन किया गया तो पित्त और प्रकोषित होगा। दो शरीर पर फोड़े फुंसियों उत्पन्न करता है।

मुनिश्री ने आगे कहा कि प्रकृति के परिवर्तन के साथ अपनी भोजन शैली को भी परिवर्तित कर लेना चाहिए। जिससे सीजनल बीमारियां से बच सकें। पूज्यश्री ने कहा कि व्यक्ति का तन स्वस्थ रहता है तो मन भी स्वस्थ रहता है। इस पर रोचक जानकारी देते हुए मुनि श्री ने कहा कि पित्त के प्रशमन के लिए शुद्ध घी, आंवला एवं गुड़ का सेवन करना चाहिए, इसके साथ ही सौंफ धनिया और मिश्री मिला पानी पीने से पाचन क्रिया सही रहती है। बच्चों पर विशेष संदेश देते हुए कहा कि पढ़ने वाले बच्चों को 9:00 बजे तक सो जाना चाहिए 9:00 से 12:00 तक का समय राक्षस प्रहर का काल रहता है। जल्दी सोना जल्दी उठना अच्छे स्वास्थ्य और अच्छे मन की निशानी है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए कहा कि आपकी पढ़ाई के लिए एकांत की आवश्यकता है। और दो ढाई 3:00 से उठकर अपनी पढ़ाई शुरू करो तो आपको एकांत भी मिलेगा और यह समय विद्या के अध्ययन के लिए सबसे अच्छा काल माना जाता है। आप सभी निश्चित ही सफलता हासिल कर सकेंगे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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