सांगानेर जयपुर में हुआ महिमा सागर महाराज एवं गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी ससंघ सान्निध्य में गणाचार्य गुरुवर विरागसागर जी महाराज की सुसमाधि पर विनयांजलि सभा का आयोजन
जयपुर
प. पू. राष्ट्रसंत, गणाचार्य, आचार्य विज्ञ 108 श्री विराग सागर जी महामुनिराज की समता पूर्वक समाधि मरण पर गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी एवं मुनिश्री महिमा सागर जी ससंघ सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र संघी जी मंदिर सांगानेर जयपुर में भारतवर्षीय विनयांजलि सभा (वैराग्य सभा) का आयोजन हुआ।
पूज्य माताजी ने गुरु गुणगान करते हुए कहा कि – प.पू. प्रातः स्मरणीय, हर पल वंदनीय, युग प्रतिक्रमण प्रवर्तक हमारे आराध्य गणाचार्य गुरूवर की आकस्मिक समाधि की घटना सुनकर मेरी आत्मा काँप गई, शरीर शिथिल सा पड़ गया, सोचने लगी क्या यह सत्य है या कोई स्वप्न देख रही हूँ।

सुना था कि 2024 का साल अच्छा नहीं है, लेकिन यह तो सपने में भी नहीं सोचा कि हमारे सर से गुरूदेव का वरदहस्त छिन जायेगा। जिस मजबूत नींव पर लगभग 1500 शिष्यों रूपी इमारत खड़ी थी, आज वह इमारत नींव के अभाव में अपने बल पर खड़ा होने का साहस नहीं जुटा पा रही है।

पूज्य गुरुदेव के द्वारा दी गई शिक्षा, अनुशासन, वात्सल्य, सरलता, निर्भीकता, दृढ़ता आदि गुण रूपी बगिया हम सभी के द्वारा विरागामृत से सिंचित होकर सदा हरी-भरी रहे। गुरूदेव के बताये गये मार्ग पर चलकर हम सभी शिष्यगण उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का पूर्ण प्रयास करेंगे। पूज्य गुरुदेव हमारे ह्रदय में सदा अमर है विराजमान है, ऐसा साहस व श्रद्धा रखते हुए गुरुदेव की आत्मा शांति हेतु प्रभु से प्रार्थना करती हूँ एवं गुरूदेव के चरणों में नमोस्तु करती हूँ ।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
