गणिनी आर्यिका 105विज्ञ मति माताजी द्वारा जो भावाव्यक्ति व्यक्त जो वर्ष 2015 में प्रकट की थी गुरु माँ के प्रति
परम पूज्या सिद्धान्त रत्न गणिनी आर्यिका 105 विशुद्द मति माताजी की परम शिष्या प्रज्ञा पद्मिनी आर्यिका गणिनी आर्यिका 105 विज्ञ मति माताजी द्वारा जो भावाव्यक्ति व्यक्त की थी वह टोंक वर्षायोग के अंतर्गत 2015 कही थी वह भाव विभोर कर गई
जिन्हे चरणों मे लगे हुए उन चरणों का स्पर्शन
परम पूज्य मा विशुद्द मति को मेरा सो सो बार नमन
जिनके शुभ दर्शन से होता है तीर्थंकर का शुभ दर्शन
परम पूज्य मा विशुद्द मति को मेरा सो सो बार नमन
जिनकी सुरभित प्रिय वाणी से होता है शंका का हनन
परम पूज्य मा विशुद्द मति को मेरा सो सो बार नमन
। हो सकता है कुछ त्रुटि हो
भावाव्यक्ति प्रज्ञा पद्मनी गणिनी आर्यिका 105 विज्ञ मति माताजी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
