श्रवणबेलगोला मठ के अभिनव चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के प्रथम दर्शन हेतु बांसवाड़ा पधारे

धर्म

श्रवणबेलगोला मठ के अभिनव चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के प्रथम दर्शन हेतु बांसवाड़ा पधारे

बांसवाड़ा।

पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज ससंघ बाहुबली कॉलोनी में विराजमान है प्रातःअभिषेक शांति धारा के उपरान्त बांसवाड़ा शहर के सभी भक्तगण जैन महाक्षेत्र श्रवणबेलगोला दिगंबर जैन महासंस्थान मठ के परम पूज्य जगतगुरु स्वस्ति श्री मदानीभव चारुकीर्ति पंडिताचार्य भट्टाचार्य महास्वामी बांसवाड़ा वागड़ की धरा पर दिनांक _6 जुलाई को प्रथम बार आगमन के इस अवसर पर कस्टम चौराहा पर भव्य स्वागत हुआ मुनी सेवा समिती एव सभी भक्तो द्वारा पुष्प समर्पित कर स्वागत किया एव सकल दिगम्बर जैन समाज बासवाडा के पदाधिकारी द्वारा पाद प्रक्षालन किया उसके बाद वहां से गाजे -बाजे ,रथ बग्गी,भव्य जुलूस के साथ बाहुबली कालोनी के लिए रवाना हुआ सभी पुरुष व्हाइट यूनिफॉर्म में एवं महिलाएं केसरिया साड़ी में मंडल अपने-अपने ड्रेस कोड में कस्टम चौराहा पर कलश लेकर उपस्थित हुए जगह-जगह स्वागत किया गया और 8.30 बाहुबली कॉलोनी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ सभी भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा कि गई श्री जी के दर्शन कर आचार्य गुरुदेव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया दोपहर 1:00 बजे आचार्य पद पदारोहण के इस अवसर पर 35 परिवारों द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम , मंदिर प्रांगण से मुनि 108 पुण्य सागर जी महाराज से आशीर्वाद लेकर सभी युवा साथियों ने प्रारंभ किया परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य गुरुदेव 108 वर्धमान सागर जी महाराज जी के 35 वें आचार्य पदारोहण महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 06.07.2024 को दोपहर 1:00 आचार्य विधान श्री मंदिर जी मैं धूमधाम व भक्ति के साथ किया गया श्रवण बेलगोला मठ से पधारे हुए भट्टारक स्वामी जी ने भगवान बाहुबली का महामस्काभिषेक कर्नाटक से ही लाए हुए द्रव्य से विशेष पंचामृत संपन्न करवाया आचार्य श्री के चरणों की 36 वस्तुओं से पांच पक्षालन एवं 108 थाल से पाद पूजन की गई एवं गुरुदेव को रजत से निर्मित आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की प्रतिमा भेट की साथ हीअंतिम श्रुत केवली भद्रबाहु स्वामी के चरण चिन्ह भेट किए इसके साथ गुरुदेव को सिंहासन भी भेट किया विधान के सौधर्म इंद्र के पुण्यार्जक श्रीमान लक्ष्मी लाल जी नायक कल्पतरु परिवार रहे समाज के प्रवक्ता महेंद्र कवालिया ने बताया गुरुदेव ने अपने प्रवचन में बताया की आज का यह भगवान व गुरु की भक्ति देखकर अद्भुत हूं एवं आप सभी भी देख ले की भक्ति कैसे की जाती है भट्टारक जी द्वारा इस तरह की भक्ति की मुझे कल्पना ही नहीं थी गुरु परम्परा का बड़ा महत्व होता है धर्म और संस्कृति को बचाने का कार्य भट्टाचार्य ने किया और दक्षिण भारत में वही कर रहे हैं गुरुदेव ने कहा आज बड़ा आनंदित हूं इसलिए की तीन बार हमारे संघ को ही श्रवण बेलगोला में महामस्ताभिषेक कराने का सोभाग्य प्राप्त हुआ और अभी जो आने वाला है उसमें भी हमें आज निवेदन किया है क्योंकि आचार्य शांति सागर जी महाराज के परंपरा का जो भी पट्टाचार्य बनेगा उसे ही यह सौभाग्य मिलेगा इसलिए ऐसा अवसर हमें छोड़ना नहीं है गुरुदेव माननीय प्रधानमंत्री 2018 में अभिषेक में आए थे उन्हें गुरुदेव ने बाहुबली भगवान की मूर्ति के साथ मैत्री से उन्नति होती है का संदेश लिखकर दिया था आज अपना देश उन्नति की ओर अग्रसर है गुरुदेव ने सभी समाज को आपस में मैत्री भाव अवश्य हो जिससे समाज उन्नति करें व अपना जीवन सार्थक करें सायं 8 बजे गुरुदेव के जीवन पर आधारित गौरव गाथाएं नृत्य नाटिका भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम अलका जैन के निर्देशन द्वारा प्रस्तुत किया गया। राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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