दमोह अपने दमदार मोह के लिए जाना जाता है योगसागर महाराज
दमोह
निर्यापक मुनि श्री योग सागर महाराज का बुधवार की बेला में मंगल आगमन हुआ समाज बंधुओ ने महाराज श्रीसंघ की अगवानी की मुनि श्री के पद प्रक्षालन का सौभाग्य चंद्र कुमार सराफ परिवार को एवम शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य आलोक परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर दमोह नगर के गौरव क्षुल्लक श्री स्वास्तिक सागर महाराज एवं आगत सागर महाराज की मंगलवाणी श्रवण करने का लाभ भक्तों को प्राप्त हुआ।
पुनीत अवसर पर मुनि श्री निर्मोह सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में गुरु की महिमा का बखान किया और कहा कि गुरु की दृष्टि यदि कचरे में पड़े किसी वस्तु पर पड़ जाती है तो वह वस्तु भी मूल्यवान हो जाती है। इसी तरह पूज्य गुरुदेव की दृष्टि मुझ पर पड़ी और में मूल्यवान मुनि पद को प्राप्त कर सका यह गुरुदेव का उपकार है।

धर्म सभा में निर्यापक श्रमण मुनि श्री योग सागर महाराज ने दमोह नगर की व्याख्या करते हुए कहा कि दमोह अपनी दमदार मोह के लिए जाना जाता है। किंतु इसी दमदार मोह से निर्मोही संतो ने गुरुदेव से दीक्षा लेकर दमोह को निर्मोही बना दिया, दमोह के भक्तों ने अपनी भक्ति प्रदर्शित करके आचार्य श्री को अनेकों बार दमोह में लाने का सौभाग्य प्राप्त किया। मैं भी अनेक बार दमोह में आ चुका हूं। दमोह के भक्तगण ने बड़े बाबा और छोटे बाबा की सेवा का अनेक बार सौभाग्य प्राप्त किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी9929747312
