डिस्पोजल हानिकारक होने के साथ शरीर में धीमा जहर घोल रहा है मुनि श्री भावसागर महाराज

धर्म

डिस्पोजल हानिकारक होने के साथ शरीर में धीमा जहर घोल रहा है मुनि श्री भावसागर महाराज
गौरझामर
परम पूज्य मुनि श्री 108 विमल सागर महाराज संघ नगर के पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान है। बुधवार की बेला में संघ सानिध्य में आचार्य गुरु विद्यासागर महाराज के चित्र के समक्ष पूजा अर्चना की गई।

 

 

इसके उपरांत धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर महाराज ने कहा कि भगवान की वाणी सुनने का अवसर प्राप्त हो रहा है यह सौभाग्य है।

 

 

इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री भावसागर महाराज ने डिस्पोजल के प्रयोग को हानिकारक बताते हुए कहा कि डिस्पोजल का उपयोग हानिकारक है। डिस्पोजल कप और गिलास में चाय पीने का चलन बढ़ता जा रहा है। ऐसी गुणवत्ताहीन डिस्पोजल का उपयोग ज्यादा होने लगा है, डिस्पोजल का उपयोग लोग सूप आदि पीने में भी कर रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

 

उन्होंने कहा कि डॉक्टर के मुताबिक डिस्पोजल पेय पदार्थ के साथ शरीर में धीमा जहर घोल रहे है। इसके बारे में विशेष बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि प्लास्टिक डिस्पोजल हाइड्रो केमिकल से बने होते हैं, जो गर्म पदार्थ के साथ कुछ मात्रा में घुल जाते हैं, इससे पेटदर्द, हाइपर एसिडिटी जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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