गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी सानिध्य मे सम्यकज्ञान शिविर छहढाला का अध्यन कराते हुए बताया गया की गुरु आर्यिका के सानिध्य मे रहने से ही हमारा जीवन उन्नत बनता है त्याग नियम संयम व्रत हमारी विशुद्धी बढ़ाने मे सहायक है स्वस्तिभूषण माताजी
केशोरायपाटन
परम पूजनीय भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी सानिध्य मे सम्यकज्ञान शिविर के दुसरे दिवस की शुरुआत श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा पूजन से की गयी जानकारी देते हुए चेतन जैन ने बताया की विभिन्न कक्षाओं के माध्यम से धार्मिक अध्यन कराया जा रहा है यह अध्यन मनीष भया गजेन्द्र शास्त्री विनोद भया प्रियंका दीदी द्वारा कराया जा रहा है बुधवार की बेला मे छहढाला का अध्यन कराते हुए पंचांग नमस्कार करना सिखाते हुए बताया गया की कल्याण का मार्ग गुरु एवम आर्यिका ही बता सकते है इन्ही से हमारा जीवन उन्नत बनेगा निगोद का वर्णन करते हुए बताया गया की जीव एक श्वास मे 18 बार जन्म लेता है और मरता है
इस बेला मे पूज्य गुरु माँ स्वस्तिभूषण माताजी ने नियम संयम व्रत को धारण करने की बात कही उन्होने जितना हम सब यह करेगे

उतनी ही हमारी विशुद्धी बढेगी यह हमे पर से हटाकर स्वयं से जोडने





मे सहायक है अधर्म से दूर करके धर्म मे जोडने मे सहायक है उन्होने कहा मनुष्य पर्याय बहुत कीमती है जितना धर्म पुरुषार्थ कर लो
उतना अच्छा है उन्होने कहा बच्चो से ज्यादा अपेक्षा मत रखना यदि वो उड़ गया तो वो तुम्हारा नहीं है उन्होने कहा दुनिया मे अगर कोई शक्ति है तो वो संकल्प शक्ति है संकल्प शक्ति से ही पापो का नाश होता है
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
