आचार्य श्री विद्यासागर महाराज मंगल उदबोधन

धर्म

यदि कर्ता नही है तो न कर्म है न उपादान आचार्य श्री
कुडलपुर
विश्व वन्दनीय आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने अपनी अमृत वाणी में कहा हल्दी और चुने के मिश्रण से दोनो के रंग बदल जाते है। उसकी गंध भी बदल जाती है। एक सफेद व एक पीला बन एक नयी वस्तु निर्मित हो जाती है। उन्होंने कहा कही बडे विद्वान हल्दी को गेरूआ रंग में नही बदल पाए। ठीक उसी तरह चुना को भी गेरुआ रंग में नहीं बना पाए। अगर काल के अनुसार सोचे जब दिन उदय होता है, तो दिन होता है, जब अस्त हो जाता है तब रात होती है। लेकिन सूर्य कही भी उदित होकर सुबह कर देता है।
उन्होंने ध्यान आकृष्ठ करते हुए कहा जब हम मै को छोड़ हम की और बढ़ते है तब एक सफल स्वरूप बन पाता है, अकेला कुछ भी नही है।
क्षेत्र समिति की और से निशुल्क रिक्शा व्यवस्था
इस सदी का अभूतपूर्व पँचकल्याण बस शुरू होने को है जिसको लेकर मुख्य पंडाल का निर्माण अंतिम चरणों मे है, वही यात्रियों के आगमन हेतु निशुल्क बसे व निशुल्क रिक्शा व्यवस्था उपलब्ध है।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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