चुनौती को अपनी कुशलता से उपलब्धि में बदलें प्रमाण सागर महाराज

धर्म

चुनौती को अपनी कुशलता से उपलब्धि में बदलें प्रमाण सागर महाराज
सागर
शंका समाधान प्रणेता मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव जीवन का हिस्सा है तो वहीं अपने आप को स्थिर बनाए रखना कला है।

 

 

 

कटरा नमक मंडी में विराजमान मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज के सानिध्य में आज मंगलवार की सुबह 5 बजे भावना योग का आयोजन किया गया. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. भावना योग के पश्चात मुनिश्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चुनौती को अपनी कुशलता से उपलब्धि में बदलना चाहिए. जीवन में उतार-चढ़ाव जीवन का हिस्सा पार्ट ऑफ लाइफ और अपने आप को स्थिर बनाए रखना ऑर्ट ऑफ लाइफ है.कर्म की अनुकूलता से सुख और प्रतिकूलता से दुख आते है. सहन करने की क्षमता विकसित करो।

 

 

परिस्थितियां अपने आप बदल जावेंगी. परिस्थितियां कर्म के अनुरुप चलती हैं. सूरज के आगे घने काले बादल छा जाते हैं और अंतत: जीत सूरज की होती है. बादलों को छटना पड़ता है. आत्मविश्वास और धैर्य के साथ संकटों का सामना करें.कष्टों से विचलित न हों. मुश्किलों से घबराना नहीं करना चाहिए।

 

 

 

 

 

 

मुनिश्री ने कहा कि शिकायत नहीं धन्यवाद की कला सीखना चाहिए. हर परिस्थिती का सामना करना सीखें.

 

मंगलवार की सुबह 5 बजे से मुनिश्री के सानिध्य में भावना योग शुरु हुआ जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साधर्मी बंधुओं ने शामिल होकर लाभ उठाया. मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज का ससंघ नगर के कुछ मंदिरों में पहुंचकर दर्शन किए। पहले जैन चैत्यालय अप्सरा टाकीज, वाहुबली कॉलोनी जैन मंदिर, गोदरेवाडा जैन मंदिर रामपुरा और वांशुपूज्य मंदिर रामपुरा मुनि श्री के मुखारबिंद से शांति धारा हुई।

भावना योग से फायदे
पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के द्वारा कराए जा रहे हैं भावना योग से पिछले एक दशक से भावना योग के माध्यम से असाध्य रोगों का इलाज होता है। इस कार्यक्रम को लेकर के सागर में उत्साह है 21 मई को सुबह पांच बजे से लगभग पांच हजार से ज्यादा महिला पुरुषों ने नमक मंडी के फर्श पर लगभग पौने घंटे का भावना योग किया।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *