पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमानसागर जी को जयपुर समाज द्वारा 10 मई को भावांजलि ,अनंत कृतज्ञता ज्ञापित करेंगे
जयपुर
गणिनी आर्यिका 105श्री सुपार्श्वमति जी की समाधि स्थली श्री चन्द्रप्रभ जिनालय में वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी चंद्रप्रभ जिनालय में 36 साधु को सहित कुल 37 पिच्छी ग्रीष्म कालीन वाचना हेतु विराजित है। गुरुभक्त सुरेश सबलावत के अनुसार सकल जैन समाज जयपुर द्वारा वात्सल्य वारिधी 76 वर्षीय 58 वर्षी से संयम साधनारत आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को जयपुर में विगत चार माह से जयपुर जिले में धर्म की गंगा प्रवाहित कर रहे गुरुदेव को श्रीफल भेंट कर 10 जून को नगर के विभिन्न मंदिरों के पदाधिकारियों धार्मिक, सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों चरण प्रक्षालन पूजन कर द्वारा अनंत कृतज्ञता भावांजलि प्रस्तुत की जावेगी।प्रथमाचार्य चारित्रचक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज की मूल बालब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज का वर्ष 2025 में टोंक चातुर्मास के बाद टोंक जिले से मंगल विहार जयपुर जिले की और हुआ।जयपुर जिले में अगवानी देश के सुप्रसिद्ध भामाशाह आर के मार्बल ग्रुप के आदरणीय अशोक जी पाटनी किशनगढ़ ने फरवरी 2026 को जयपुर जिले में की।
आदिश्वर धाम चाकसू रात्रि विश्राम करअतिशय क्षेत्र पदमपुर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का वर्ष 1969, 1980 ,2015 के बाद 8 फरवरी 2026 को मंगल पदार्पण संघ सहित 18 फरवरी से 22 फरवरी तक आयोजित पंच कल्याणक नूतन शिखर पर कलशारोहण, ध्वजारोहण हेतु हुआ।यहाँआपने आर्यिका, क्षुल्लक, क्षुल्लिका दीक्षा ओर सम्यक समाधि कराई।
24 फरवरी 2026 को दीक्षा गुरु तृतीय पट्टाधीश आचार्य श्री धर्मसागर जी का 58 वा आचार्य पदारोहण प्रतिष्ठापना गुरु उपकार स्मृति दिवस के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मनाया गया।अनेक धार्मिक अनुष्ठान विधान 27 फिट के खड्गासन श्री पद्मप्रभ भगवान के भव्य पंचामृत अभिषेक के बाद 4 मार्च को पदमपुरा से मंगल विहार हुआ। बिलवा, प्रतापनगर, मालवीय नगर, राणा जी की नसिया, चुलगिरी, सेठी कॉलोनी, लश्कर, पाटौदी मंदिर चौकड़ी, सहित अनेक मंदिरों, भट्टारक जी की नसिया, श्याम नगर, मंगलम सिटी, होते हुए गणिनी आर्यिका श्री सुपार्श्व मति जी की समाधि स्थली चन्द्र पूरी बड़ के बालाजी 5 मई को आगमन हुआ।जयपुर जिले के लगभग 4 माह का प्रवास जिसे अघोषित वर्षायोग कहा जा सकता हैं,में धर्म की गंगा बहती रही जिसमें भक्तों ने बहुत ही श्रद्धा के साथ भाग लेकर कर्मों के निर्जरा की । आचार्य श्री संघ से जुड़े गुरुभक्त डा राजेश पंचोलिया के अनुसार प्रथमाचार्य सहित सभी पूर्वाचार्य ने किया जयपुर में वर्षायोग प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी ने वर्ष 1932 में,प्रथम पट्टाचार्य श्री वीर सागर जी ने सन 1956, 1957 में आचार्य शिवसागर जी ने वर्ष 56, 57 और 1963 में, आचार्य धर्म सागर जी ने सन 1956,57 और 1969 में आचार्य अजीत सागर जी ने सन 1963 में तथा पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने सन 1969 और वर्ष 1999 में जयपुर में वर्षा योग किया है।

जयपुर में 5 प्रकार की दीक्षा
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 125 दीक्षा में एक मात्र जयपुर में मुनि,आर्यिका, ऐलक,क्षुल्लक ओर क्षुल्लिका पांचो प्रकार की दीक्षा दी है।
धार्मिक अनुष्ठान
पदमपुरा में पंच कल्याणक,नूतन शिखर पर ध्वजा एवं कलशारोहण दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्म सागर जी का उपकार स्मृति दिवस दीक्षा, समाधि,108 द्रव्यों से धार्मिक विधान पूजन पंचामृत अभिषेक, आदि कार्यक्रम हुए ।
आचार्य श्री का जयपुर 6 बार प्रवेश
6 का अंक 6 खंडो पर दिग्विजय का प्रतीक हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने वर्ष 2026 के पूर्व जयपुर में सन 1969,1999,2000,2014 वर्ष 2016 में प्रवेश किया।
जयपुर उपसर्ग निवारण स्थली
प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी पर वर्ष 1932 में उपसर्ग राणा जी की नसिया चूलगिरी में हुआ था। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की नेत्र ज्योति भी राणा जी की नसिया चूलगिरी में गई थी जो 3 घंटे शांतिभक्ति के पाठ करने से 52 घंटे के बाद पुनः प्राप्त हुई। आचार्य संघ सानिध्य में महावीर जयंती पूर्व विशाल प्रतिमा का चुलगिरी में भव्य पंचामृत अभिषेक हुआ
महावीर जयंती आचार्य श्री वर्धमान सागर जी एवं आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी संघ सानिध्य में विशाल रूप से मनाई गई।
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षित मुनि श्री हितेन्द्र सागर जी,मुनि श्री विवर्जित सागर जी ,मुनि श्री भुवन सागर जी मुनि श्री गुणोदय सागर जी जयपुर के हैं अनेक पूर्वाचार्यों ने भी जयपुर निवासियों को दीक्षा दी हैं
संतो ने की चरण वंदना

वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन एवं चरण वंदना के लिए आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी, आचार्य श्री शशांक सागर जी उपाध्याय श्री उर्जयंत सागर जी, मुनि श्री विशाल सागर जी मुनि श्री विन्रम सागर जी, गणिनी आर्यिका श्री सरस्वती मति, श्री नंदीश्वर मति जी श्री स्वस्ति भूषण जी, श्री विभा श्री जी संघ सहित पधारे।
राजनेताओं ने लिया आशीर्वाद

पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया ने, विधायक ताराचंद जैन विधायक गोपाल शर्मा सहित अनेको ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। जिनवाणी संरक्षण पर भट्टारक जी की नसिया में हुई सभी जिनालयों के पदाधिकारी की संगोष्ठी ,विश्व णमोकार दिवस पर हुआ आचार्य संघ सानिध्य में णमोकार मंत्र का सामूहिक पाठ बड़ के बालाजी में धर्म संवर्धन संस्कृति शिविर का आयोजन आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में 21 मई से 30 मई तक सैकड़ो भक्तों ने धर्म संवर्धन संस्कृति शिविर में अनेक धार्मिक विषयों में भाग लेकर पुरस्कार प्राप्त किया। जन्मदिन सालगिरह उपलब्धि गुरु सानिध्य में साधु परिवार के भक्त राजेश पंचोलिया को मानद डॉक्टरेक्ट की उपाधि मिली सर्व प्रथम यह प्रमाणपत्र आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को समर्पित कर आशीर्वाद लिया श्राविका श्रेष्ठी श्रीमति सुशीला पाटनी ने जन्म दिन, श्री समर जैन कंठाली ने जन्म दिन, श्री सन्मति चवरिया,पवन बोहरा निवाई ने विवाह सालगिरह , सुनील, कमल जैन टोंक चीना पाटनी ने विधान पूजन कर दिवस को यादगार बनाया

दीक्षा हेतु श्रीफल चढ़ायाकिशनगढ़ के श्री नवरतन जी ने दीक्षा हेतु श्रीफल चढ़ाया
संत निवास हेतु भूखंड दान

श्री भंवर लाल सरावगी ने श्याम नगर में संत निवास हेतु भूमि दान की। इसी प्रकार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से श्री विनोद कुमार अभय राज पाटनी मेड़ता सिटी प्रवासी किशनगढ़ ने आचार्य श्री की प्रेरणा से मेड़ता सिटी में 960 फिट की भूमि पर संत भवन के लिए 11 लाख रुपए दान की घोषणा की है। उल्लेखनीय हैं कि मेड़ता निवासी मुनि श्री ध्येय सागर जी महाराज मेड़ता सिटी के गौरव है
डा राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
