निर्माण नगर जयपुर में हुआ गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश
जयपुर
प. पू. भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 गुरुमाँ विज्ञाश्री माताजी ससंघ का श्री दि. जैन मंदिर पार्श्वनाथ कालोनी, निर्माण नगर जयपुर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जैन समाज के बंधुओं ने गाजे-बाजे के साथ आर्यिका संघ की आगवानी की। मंदिर प्रांगण में शांतिधारा के मंत्रों का उच्चारण किया गया।
तत्पश्चात् प्रवचन सभा का आयोजन हुआ। मंगलाचरण , चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट, पाद प्रक्षालन समाज श्रेष्ठियों द्वारा सम्पन्न किया गया। इसी बीच नेमिसागर कालोनी से पधादिकारियों ने पूज्य गुरुमाँ के श्री चरणों में अल्प प्रवास हेतु श्रीफल समर्पित किया। निर्माण नगर समाज की वयोवृद्ध श्राविका मनोहर देवी सहित सपरिवार ने पूज्य गुरूमाँ के चरणों में सल्लेखना पूर्वक समाधिमरण हेतु निवेदन – किया।
प्रवचन के दौरान माताजी ने सल्लेखना करने का फल बतलाते हुए कहा कि- सौ बार दीक्षा लेना, देना या अनुमोदना करने के बराबर समाधि का फल है। समाधि आत्मघात नहीं यह तो निर्भिक होकर मृत्यु का सामना करके मृत्यु महोत्सव मनाने का एक आयाम है।
निर्विघ्न रूप से समाधिमरण का यह काल सम्पन्न हो इस हेतु समाज, परिवार से अनुमति पूर्वक मनोहर देवी के लिए सल्लेखना के व्रत दिये गये।
