सभी को साथ लेकर चलने वाला इंसान हमेशा खुश रहता है आदित्य सागर महाराज
बूंदी
शीतल नाथ दिगंबर जैन मंदिर में धर्म सभा में पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने अहंकार को छोड़ने की बात करते हुए कहा कि जीवन में अगर आगे बढ़ना है तो अहंकार को छोड़ना होगा।
जो व्यक्ति हम की जगह में पर ज्यादा भरोसा रखता है वह एक दिन अकेला रह जाता है। और सभी को साथ लेकर चलने वाला इंसान हमेशा खुश रहता है। रावण जैसे महाज्ञानी को भी अहंकार ले डूबा था। और कंस का काल भी उसका घमंड बन गया था। और फिर इंसान तो अहंकार में भस्म हो जाएगा।



महाराज श्री ने आगे धर्म और नीति पर चलने की बात कहते हुए कहा कि जब धर्म और नीति पर चलेंगे तो आपकी उन्नति निश्चित है। वरना आपका पुण्य खत्म होते ही आपके बुरे दिन की शुरुआत हो जाएगी। यह तय मान कर चलिए की जो व्यक्ति धर्म नीति के रास्ते पर चलता है, वह आगे बढ़ता रहेगा। और जो अधर्म और अनीति को अपनाएगा, उसका विनाश शुरू हो जाता है। इसीलिए इंसानियत का भाव रखिए, मन में हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहिए। दूसरे व्यक्ति का सहयोग करने की परंपरा को बरकरार रखे तो आपके भी दुख में लोग आगे होकर सहयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि हमेशा हमे अपनी वाणी पर संयम रखने की जरूरत है। हम दूसरे व्यक्ति से क्या बोल रहे हैं और इसका क्या परिणाम आ सकते हैं, यह सोचकर हमें मुंह से शब्द निकालने चाहिए। उन्होंने कहा कि बंदूक से निकली गोली, मुंह से निकली गलत बोली का परिणाम हमेशा बुरा ही आता है।
उन्होंने आगे कहा कि पुण्य आत्माओं का कभी अहित करने का मत सोचना प्रभु श्री राम का उदाहरण देते हुए कहा कि क्योंकि पुण्य आत्माओं में ईश्वर का निवास होता है। उनके पुण्य प्रबल होता है। भगवान श्री राम द्वारा सर्वशक्तिमान रावण के विरुद्ध युद्ध लड़ा, रावण के अनुपात में कम सैन्य बल होने के बावजूद उन्होंने महायोद्धा को पराजित किया। हम एक बर्फ के गोले के समान है, जो क्रिस्टल है, उसे गुणवान व नीतिवान बनाने के लिए उसे गुरु रूपी फालूदा, चासनी की जरूरत है। जब गुरु उस बर्फ में अपने ज्ञान को मिलाएगा, तब वह एक मीठी आइसक्रीम में परिवर्तित हो जाएगी। गुरु का ज्ञान ही उस मनुष्य का कल्याण कर जाएगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
